रायपुर, 24 जुलाई 2026/ CG UCC Update: Preparations to implement the UCC in Chhattisgarh gain momentum…! First meeting concludes… plans underway to introduce the legislation during the winter session.
CG UCC Update : छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। यूसीसी के प्रारूप और विभिन्न पहलुओं पर विचार के लिए डॉ. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति की पहली बैठक शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय में हुई। बैठक करीब दो घंटे से अधिक चली और इसे परिचयात्मक बैठक माना गया।
हालांकि समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुईं। बैठक में समिति के सदस्य उत्तराखंड के पूर्व आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, अधिवक्ता मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह मौजूद रहे। उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ UCC लागू करने की तैयारी में है। विधेयक पारित होकर कानून लागू होने पर यह देश का पांचवां राज्य बन जाएगा।
जनता से मांगे जाएंगे सुझाव
बैठक में समिति ने आम नागरिकों से दावे, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। इसके लिए CGUCC.com वेबसाइट शुरू करने का फैसला किया गया है, जहां लोग अपने सुझाव दर्ज कर सकेंगे। समिति के सुचारु संचालन के लिए रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। समिति को कक्ष क्रमांक 201, 202 और 203 आवंटित किए गए हैं। साथ ही अगले सप्ताह फिर से बैठक करने पर भी सहमति बनी है।
CM विष्णुदेव साय ने कहा
बैठक से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार यूसीसी को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। समिति की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC विधेयक पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद समान नागरिक संहिता के स्वरूप और प्रावधानों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
समिति में शामिल
UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सरकार ने 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है। इसमें शामिल हैं-
न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई – अध्यक्ष
शत्रुघ्न सिंह (रिटायर्ड IAS) – सदस्य
एम.के. राउत – सदस्य
मोहन पवार (सीनियर वकील) – सदस्य
ज्योति रानी सिंह (रिटायर्ड प्रिंसिपल) – सदस्य
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता। इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू (Uniform Civil Code) करना है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे नागरिक कानूनों में एकरूपता आएगी, न्याय प्रक्रिया सरल होगी और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
