रायपुर 27 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ झांकी ने मोहा मन
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ झांकी डिजिटल म्यूजियम थीम के साथ खास आकर्षण बनी। इस झांकी ने आदिवासी नायकों के शौर्य और बलिदान की कहानी जीवंत की। साथ ही दर्शकों ने इसे भावुक होकर सराहा। इसलिए यह झांकी पूरे आयोजन में चर्चा का केंद्र रही।
देश के पहले आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की झलक
झांकी में देश के पहले आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की प्रस्तुति की गई। इसका उद्देश्य आदिवासी इतिहास और संस्कृति को संरक्षित करना है। उदाहरण के लिए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को डिजिटल माध्यम से दिखाया जाएगा। इस प्रकार छत्तीसगढ़ झांकी डिजिटल म्यूजियम ने परंपरा और तकनीक को जोड़ा।
आदिवासी वीरों के बलिदान को श्रद्धांजलि
झांकी में उन अमर नायकों को याद किया गया जिन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध किया। उनकी वीरता और संघर्ष को कलात्मक प्रस्तुति के जरिए दिखाया गया। इसलिए दर्शकों ने इसे खड़े होकर सराहा। छत्तीसगढ़ झांकी डिजिटल म्यूजियम देश के इतिहास का अहम अध्याय सामने लाती है।
युवा पीढ़ी को जोड़ने की अनोखी पहल
यह डिजिटल म्यूजियम नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ेगा। साथ ही आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देगा। अंत में, कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ झांकी डिजिटल म्यूजियम ने कर्तव्य पथ पर एक प्रेरणादायक संदेश दिया।
