रायपुर 3 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Chhattisgarh : Dearness Allowance pending for 9 years, High Court issues notice to state government/ छत्तीसगढ़ महंगाई भत्ता मामला , राज्य के शासकीय अधिकारी -कर्मचारियों को वर्ष 2017 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान को लेकर मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
तीन लाख से अधिक कर्मचारी प्रभावित
प्रदेश के लगभग तीन लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता वर्ष 2017 से लंबित बताया जा रहा है। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने लंबित डीए और एरियर भुगतान की मांग को लेकर याचिका दायर की है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले विभिन्न मामलों में यह स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता और महंगाई राहत कर्मचारियों एवं पेंशनरों का वैधानिक अधिकार है। अदालत ने सरकारों को नियमानुसार डीए भुगतान करने और अनावश्यक देरी न करने की बात कही है। इसी आधार पर राज्य में भी लंबित डीए भुगतान की मांग तेज हुई है।
फेडरेशन का कहना
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे लगातार ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब न्यायालय से उन्हें राहत की उम्मीद है।
आगे की कार्रवाई
हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के बाद यह तय होगा कि राज्य सरकार को लंबित महंगाई भत्ता और एरियर भुगतान के संबंध में क्या निर्देश दिए जाते हैं। कर्मचारियों की नजर अब अदालत के फैसले पर टिकी है।
वर्षों पुरानी मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने बताया है कि फेडरेशन की गत 6 फरवरी को हुई बैठक में न्यायालय जाने का निर्णय लिया गया था। फेडरेशन महंगाई भत्ता देने के लिए वर्षों से मांग करता आ रहा है. फेडरेशन कर्मचारियों – अधिकारियों के हित में संवाद, सड़क और न्यायालय तीनों स्तर पर संघर्षरत है.
