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रायपुर / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ माओवादी आत्मसमर्पण 2025 — बस्तर में 208 नक्सलियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ माओवादी आत्मसमर्पण 2025 , छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सल आंदोलन को बड़ी चोट पहुंची है। 208 माओवादी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में जगदलपुर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आत्मसमर्पण किया।
यह आत्मसमर्पण माआद क्षेत्र (Maad Region) के नक्सलियों द्वारा किया गया, जो वर्षों से दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ के जंगलों में सक्रिय थे।


हथियारों के साथ लौटे लोकतांत्रिक जीवन में

इन माओवादियों ने हाथों में भारतीय संविधान की प्रति लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था जताई। आत्मसमर्पण के दौरान उन्होंने “पुना मार्गेम” (नई राह की ओर) लिखे बैनर भी थामे हुए थे।
सुरक्षा बलों को कुल 153 हथियार सौंपे गए, जिनमें 19 AK-47 राइफल, 17 SLR, 23 INSAS, 36 .303 राइफल और 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शामिल थे।


वरिष्ठ नक्सली नेता रूपेश ने भी किया आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण करने वालों में कई वरिष्ठ कैडर शामिल हैं — जिनमें 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर, 4 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, और 21 डिविजनल कमेटी मेंबर हैं।
मुख्य चेहरों में रूपेश उर्फ सतिश उर्फ असन्ना (तक्कलप्पल्ली वासुदेव राव) भी शामिल हैं, जो माओवादी संगठन के नॉर्थ-वेस्ट सब-ज़ोनल इंचार्ज और बम विशेषज्ञ रहे हैं।
उन्होंने गुरुवार को बीजापुर पुलिस मुख्यालय में अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया।


मुख्यमंत्री साय बोले — बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को बस्तर में उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर की असली ताकत उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा और गरिमा में निहित है।
उन्होंने बताया कि अब उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित हो चुके हैं।
बीते 22 महीनों में 477 नक्सली मारे गए, 1,785 गिरफ्तार हुए और 2,110 ने आत्मसमर्पण किया है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है।