Share This Article रायपुर, 11 सितंबर 2026। ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ मसाला फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार की मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 620 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे फसल विविधता बढ़ने के साथ किसानों की आय के नए रास्ते खुलेंगे। हल्दी की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन उद्यानिकी विभाग के माध्यम से किसानों को हल्दी सहित अन्य मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त फसल लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। 138 लाख रुपये किसानों के खातों में पहुंचे योजना के तहत अब तक 138 लाख रुपये का अनुदान किसानों के खातों में भुगतान किया जा चुका है। अनुदान का भुगतान किसानों द्वारा खरीदे गए बीज के बिल, जरूरी दस्तावेजों और फसल के भौतिक सत्यापन के बाद DBT के जरिए किया जा रहा है। हल्दी बीज को लेकर विभाग ने दी सफाई उद्यानिकी विभाग ने स्पष्ट किया है कि हल्दी बीज की आपूर्ति संचालनालय या जिला स्तर से नहीं की जाती। किसानों द्वारा खरीदे गए बीज पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुदान दिया जाता है। विभाग के अनुसार वर्तमान में अनुदान के लिए खरीदे जा रहे बीज स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले हैं तथा इनके अंकुरण में समस्या नहीं है। मसाला उद्योग को भी मिलेगा फायदा हल्दी का उत्पादन बढ़ने से प्रदेश में मसाला फसलों की स्थानीय उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही मसाला आधारित उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल मिलने से कृषि के साथ प्रसंस्करण और संबंधित व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Share This Article Post navigation आलू-शकरकंद की खेती में भारत की बड़ी छलांग…, आगरा बनेगा ग्लोबल रिसर्च हब 27 जिलों में कृषि कौशल की नई पहल…युवाओं-किसानों को मिलेगा रोजगार का रास्ता