Share This Article रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के किसान लारंग साय के लिए खेत में बनी आजीविका डबरी अतिरिक्त कमाई का जरिया बन गई है। ग्राम पंचायत बकालो निवासी लारंग साय ने डबरी में मछली पालन कर अब तक 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी अर्जित की है। शासन की योजना से मिले इस अवसर ने उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह भी खोली है। खेती के साथ शुरू किया मछली पालन लारंग साय पहले मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थे। खेत में डबरी नहीं होने के कारण वे मछली पालन नहीं कर पा रहे थे। ग्रामीण आजीविका योजना के तहत खेत में डबरी बनने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया। मछलियां तैयार होने पर उन्हें बाजार में बेचकर अच्छी कमाई हुई। पहली कमाई से बढ़ा हौसला मछली पालन से हुई आमदनी ने लारंग साय का आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब उन्होंने डबरी में दोबारा मछली बीज डाला है, ताकि अगली फसल बेचकर और अधिक आय अर्जित कर सकें। जल संरक्षण के साथ रोजगार का अवसर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। आजीविका डबरी से जल संरक्षण के साथ मछली पालन जैसे स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार लारंग साय ने इस योजना से मिले लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। लारंग साय की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं और स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का रास्ता खोल सकता है। सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत उनकी सफलता ग्रामीण आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है। Share This Article Post navigation रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद यात्री रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी…ताड़ोकी – रावघाट एवं अभनपुर – कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण… रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला Police Commemoration Day 2026 : CM विष्णुदेव साय बोले- वीर जवानों के बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय