रायपुर, 17 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Chhattisgarh Assembly: State ranks third in the country in forest cover, Rs 320 crore for wildlife conservation and promotion, target of planting 3.50 crore saplings in the coming rainy season, subsidy of Rs 100 crore for electric vehicles / छत्तीसगढ़ वन बजट 2026 , वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3 हजार 622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई।
इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लिए 2 हजार 867 करोड़ 30 लाख रूपए,
सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रूपए,
परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रूपए
और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रूपए शामिल हैं।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आगामी वर्षा ऋतु में लगभग 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये और बिगड़े वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।
इसी तरह नदी तटों पर भू-क्षरण रोकने के लिए 7 करोड़ रुपये तथा भू-जल संरक्षण योजना के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिए भी 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण के लिए 320.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बाघ संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ योजना के तहत 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दूरस्थ अंचलों में निवासरत वनवासियों को बारहमासी आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन मार्गों में रपटा पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है।
काष्ठ एवं बांस कूपों के विदोहन के उपरांत प्राकृतिक पुनरोत्पादन को बढ़ावा देने इस योजना के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है।
वहीं ए.एन.आर. योजनांतर्गत भी 300 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इसी तरह वनवासियों को उनके मालिकाना हक की भूमि में ईमारती लकड़ी के विदोहन के लिए 183 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी तरह कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को से विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हांकन हेतु चयनित किया गया है।
वहीं वन विभाग में मानव संसाधन में वृद्धि करने के लिए वनरक्षकों 1484 एवं सहायक ग्रेड-3 के 50 पदों पर भर्ती की जा रही है।
मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया गया है।
इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
राज्य में लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
राज्य में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड विकास को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का पहला एवं भारत वर्ष का 96वाँ रामसर स्थल अधिसूचित किया गया है।
छत्तीसगढ अंजोर विजन-2047 के ज्ञमल डपसमेजवदमे ठल 2030 के अनुरूप वर्ष 2030 तक 20 वेटलैण्ड्स को रामसर स्थल के रूप में नामित करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।
इसी परिप्रेक्ष्य में बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैण्ड कॉम्पलेक्स को रामसर स्थल अधिसूचित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है।
परिवहन-सहकारिता-संसदीय कार्य
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना” को विस्तार देने की घोषणा की है। योजना के तहत बस संचालकों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट और अधिकतम 26 रुपये प्रति किलोमीटर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
वर्तमान में वनांचल के 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आठ नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित करने हेतु 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है।
राज्य में वर्तमान में 347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं और पेट्रोल पंपों तथा सार्वजनिक स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
इसी तरह राज्य के 5 नवीन जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में परिवहन कार्यालय की स्थापना की जाएगी, इसके लिए 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
सहकारिता विभाग के बजट में 572 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2025-26 में अब तक 15.55 लाख किसानों को 7,822 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। इसके अलावा 515 नई पैक्स समितियों के लिए गोदाम-सह-कार्यालय भवन निर्माण और अन्न भंडारण अवसंरचना विकसित करने हेतु 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह राज्य सहकारी संघ द्वारा सहकारी शिक्षा अंतर्गत डिप्लोमा इन को-ऑपरेटिव्ह मैनेजमेंट का कोर्स चलाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए बजट में 01 करोड़ 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
