Share This Article रायपुर, 26 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / चीन के शेयर बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। मई 2026 के उच्चतम स्तर के बाद बाजार की कुल पूंजी करीब 3.5 लाख करोड़ डॉलर घट गई है। कमजोर घरेलू मांग, कंपनियों के घटते मुनाफे और सरकारी राहत पैकेज की सीमित उम्मीदों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेजी से उबरने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। कमजोर मांग और बढ़ती प्रतिस्पर्धा बनी मुसीबत चीन में उपभोक्ता खर्च कमजोर रहने और कंपनियों के बीच कीमतें घटाकर कारोबार हासिल करने की होड़ से मुनाफे पर असर पड़ रहा है। बैंकिंग, इलेक्ट्रिक वाहन और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां भी इससे प्रभावित हैं। प्रमुख सूचकांक CSI 300 मंदी के बाजार में प्रवेश कर चुका है। कंपनियों के नतीजों ने बढ़ाई चिंता बैटरी निर्माता CATL सहित कई बड़ी कंपनियों के वित्तीय नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं। MSCI चाइना सूचकांक की कंपनियों के 2026 के अनुमानित मुनाफे में मार्च के बाद 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। हांगकांग के हैंग सेंग टेक सूचकांक की कंपनियों के मुनाफे के अनुमान भी 13 प्रतिशत से ज्यादा घटे हैं। सरकारी राहत की उम्मीद सीमित चीन की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन सरकार के बड़े प्रोत्साहन पैकेज की संभावना कमजोर है। AI क्षेत्र में बढ़ता निवेश और कंपनियों की लागत भी चिंता बढ़ा रही है। निवेशकों की नजर अब आर्थिक सुधार, कंपनियों की कमाई और सरकार के अगले कदमों पर है। Share This Article Post navigation Muhurat Trading 2026 : 8 नवंबर को खुलेगा शेयर बाजार, जानें प्री-ओपन और ट्रेडिंग का पूरा समय