रायपुर 24 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Coaching institute fined 15 lakh, action taken on misleading advertisement/ कोचिंग संस्थान जुर्माना भ्रामक विज्ञापन , केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 के संबंध में भ्रामक विज्ञापन देने पर वाजिराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
क्या था मामला?
संस्थान ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 के सफल उम्मीदवारों के नाम और फोटो के साथ दावा किया कि उसकी कोचिंग से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयनित हुए। लेकिन जांच में पता चला कि कई सफल उम्मीदवारों ने संस्थान का पूरा कोर्स नहीं किया था, बल्कि केवल “इंटरव्यू गाइडेंस” या “मॉक इंटरव्यू” कार्यक्रम में भाग लिया था।
महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप
प्राधिकरण ने पाया कि संस्थान ने यह स्पष्ट नहीं बताया कि सफल उम्मीदवारों ने कौन-सा कोर्स किया था। यह जानकारी छिपाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया। कई नामांकन फॉर्म में कोर्स का नाम और तारीख भी दर्ज नहीं थी। संस्थान अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले भी 2022 के परिणामों को लेकर इसी संस्थान पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। दोबारा गलती दोहराने पर इस बार अधिक दंड लगाया गया।
सीसीपीए ने कहा कि हर साल करीब 11 लाख छात्र यूपीएससी परीक्षा में आवेदन करते हैं, इसलिए कोचिंग संस्थानों को अपने विज्ञापनों में सही और पूरी जानकारी देना जरूरी है। अब तक 57 संस्थानों को नोटिस और 29 पर कुल 1.24 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है।
