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रायपुर 20 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार का स्पष्ट रुख

New Delhi में फीस विवाद को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली निजी स्कूल फीस नियम पर सरकार ने हाईकोर्ट में स्पष्ट कहा कि 1 अप्रैल से निजी स्कूल नई शैक्षणिक सत्र की फीस तब तक नहीं ले सकते, जब तक वह नए कानून के तहत तय और स्वीकृत न हो।

सरकार का कहना है कि यह कदम अभिभावकों के हित में उठाया गया है।


स्कूल-स्तरीय फीस नियमन समितियां अनिवार्य

सरकार ने 1 फरवरी को अधिसूचना जारी कर स्कूल-स्तरीय फीस नियमन समितियां (SLFRCs) गठित करने का निर्देश दिया था। इन समितियों को 10 दिनों के भीतर बनाने को कहा गया।

हालांकि कई स्कूल संघों ने इस आदेश को चुनौती दी। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस पर रोक की मांग की।


सरकार ने कहा – रोक लगी तो होंगे गंभीर परिणाम

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि यदि इस आदेश पर रोक लगती है तो परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि इस चरण में समितियों के गठन से स्कूलों को कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।


हाईकोर्ट की बेंच कर रही है सुनवाई

इस मामले की सुनवाई Delhi High Court की बेंच कर रही है। बेंच में मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया शामिल हैं।

अंत में, दिल्ली निजी स्कूल फीस नियम पर अदालत का फैसला अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है।