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रायपुर / ETrendingIndia / मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सख्त कदम

डेनमार्क सोशल मीडिया प्रतिबंध का उद्देश्य बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। सरकार ने घोषणा की है कि अब 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
हालांकि, 13 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों को अभिभावकों की अनुमति मिलने पर सीमित उपयोग की छूट दी जाएगी। इस कदम को संसद में व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद है।


बच्चों पर सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव

डिजिटलाइजेशन मंत्री कैरोलाइन स्टेज ओल्सन ने कहा कि सोशल मीडिया बच्चों के समय और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है।
डेनमार्क में बच्चे प्रतिदिन औसतन दो घंटे 40 मिनट ऑनलाइन बिताते हैं। लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म जैसे स्नैपचैट, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक बच्चों में सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं।
इस कारण सरकार ने यह निर्णय लिया कि सीमित आयु में डिजिटल एक्सपोज़र पर नियंत्रण आवश्यक है।


अन्य देशों के कदमों से प्रेरणा

इस नीति को ऑस्ट्रेलिया की तरह एक निवारक कदम माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने भी पिछले वर्ष 16 वर्ष से कम बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था।
डेनमार्क सरकार का मानना है कि इस तरह के कदमों से बच्चों को डिजिटल निर्भरता, साइबर बुलिंग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से बचाया जा सकेगा।


अभिभावकों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

अभिभावकों और विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों के जीवन में संतुलन बनेगा और वे पढ़ाई व खेलकूद पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
अंततः, डेनमार्क सोशल मीडिया प्रतिबंध समाज में डिजिटल जिम्मेदारी और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नई सोच को बढ़ावा देगा।