Share This Article रायपुर, 02 सितंबर / ETrendingIndia / देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट के सुरक्षा ऑडिट के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को कई गंभीर खामियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा जांच के दौरान सामने आए इन गंभीर निष्कर्षों पर संबंधित एयरलाइंस से जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियामक की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ऑडिट में मिली कमियों और खामियों का विस्तृत विवरण फिलहाल सामने नहीं आया है, लेकिन प्रमुख एयरलाइंस के संचालन में गंभीर खामियां पाई गई हैं। संबंधित कंपनियों से डीजीसीए को जवाब देने की अपेक्षा की गई है और उनके जवाबों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इंडिगो के एक अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन ने डीजीसीए की रिपोर्ट पर अपना जवाब दे दिया है। हालांकि, अधिकारी ने ऑडिट में सामने आई खामियों के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं, स्पाइसजेट और अकासा एयर के प्रवक्ताओं ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि डीजीसीए की ओर से एयरलाइन के कुछ निरीक्षण किए गए हैं। एयरलाइन इन निरीक्षणों से अवगत है और औपचारिक ऑडिट की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) की टीम 16 से 20 सितंबर के बीच भारत का दौरा करने वाली है। टीम भारत के नागरिक विमानन नियामक डीजीसीए की कार्यप्रणाली और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा करेगी। दौरे के दौरान एफएए की टीम मरम्मत केंद्रों, नौवहन व्यवस्था और विमानन से जुड़े बुनियादी ढांचे का निरीक्षण कर सकती है। एफएए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमानन सुरक्षा मानकों के निर्धारण और हवाई यातायात की सुरक्षा संबंधी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।एफएए की टीम ने इससे पहले वर्ष 2021 में भारत का दौरा किया था। भारत वर्तमान में एफएए के अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम के तहत श्रेणी-1 में है। इस श्रेणी का अर्थ है कि देश का नागरिक विमानन नियामक अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों के अनुरूप माना जाता है। इस बार एफएए का निरीक्षण ऐसे समय हो रहा है, जब भारतीय विमानन क्षेत्र में पिछले कुछ समय के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं।जून 2025 में हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। हादसे में कई विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। इस दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। इसके अलावा, वर्ष 2025 के अंत में सामने आए इंडिगो परिचालन संकट ने भी देश की विमानन व्यवस्था पर असर डाला था। इस दौरान बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुई थीं और परिचालन व्यवस्था लगभग ठप हो गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा था। ऐसे में प्रमुख एयरलाइंस के सुरक्षा ऑडिट में सामने आई गंभीर खामियों और आगामी एफएए निरीक्षण को भारतीय नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीजीसीए द्वारा एयरलाइंस के जवाबों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट होगा कि सामने आई कमियों के संबंध में किस प्रकार की नियामकीय कार्रवाई की जाती है।०० Share This Article Post navigation NHAI में इंटर्नशिप का सुनहरा मौका… 1,080+ सीटों पर भर्ती रेलवे स्टेशन बने स्थानीय उत्पादों का बड़ा बाजार, ओएसओपी योजना से ₹162 करोड़ की बिक्री