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रायपुर, 28 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / धमतरी जिले में आजीविका डबरियां ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही हैं। वर्षा जल संरक्षण के साथ मछली और झींगा पालन को बढ़ावा देकर महिलाओं को गांव में ही रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

55 डबरियों से जुड़ीं महिलाएं, 90 और बनाने की तैयारी

धमतरी जिले के भूखापारा, माडमसिल्ली, बिन्द्रापाली, डबरीनाला, चनागांव और छिन्दौरी सहित कई गांवों में यह पहल आगे बढ़ रही है।

कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के सहयोग से 55 आजीविका डबरियां बनाई गई हैं, जबकि 90 नई डबरियां विकसित की जा रही हैं।

वीबी-जी रामजी योजना के तहत भी जल संरक्षण संरचनाओं को आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने पर जोर है।

डबरी में झींगा और मछली पालन

प्रत्येक डबरी में 1,600 झींगा और 320 भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों के बीज डाले गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मछलियों का वजन 800 ग्राम से एक किलोग्राम तक पहुंचा है।

उचित देखभाल और बाजार तक पहुंच से उत्पादन को बेहतर आय में बदलने की संभावनाएं हैं।

जल संरक्षण के साथ बढ़ेगी आमदनी

डबरियों में वर्षा जल संग्रहित कर मछली पालन के अलावा सब्जी उत्पादन और सिंचाई में भी पानी का उपयोग किया जा सकता है। मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर विपणन व्यवस्था से महिलाओं की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल सकती है।


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