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रायपुर, 12 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Didi Ke Bakhri: The picture of 3,000 rural women is changing / दीदी के बखरी योजना महिलाएं , छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में “दीदी के बखरी” योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इस पहल के तहत महिलाएं सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन और वनोपज संग्रहण जैसे कार्य कर रही हैं। इससे उन्हें पौष्टिक भोजन के साथ-साथ अच्छी आमदनी भी मिल रही है।

बिहान योजना के अंतर्गत जिले के नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर और चारामा विकासखंडों में यह योजना संचालित है।

वर्तमान में 3364 महिलाएं इससे जुड़ी हैं और अपनी आय बढ़ा रही हैं। योजना का लक्ष्य महिलाओं की मासिक आय 20 से 25 हजार रुपये तक पहुंचाना है। वर्ष 2026-27 में 10,780 और महिलाओं को जोड़ने की तैयारी है।

महिलाएं अपने घर की बाड़ी में सब्जियां उगाकर बाजार में बेच रही हैं। साथ ही मुर्गी और मछली पालन को मिलाकर खर्च कम कर रही हैं। महुआ, इमली और शहद जैसे वनोपज भी उनकी आय का साधन बन रहे हैं।

जिला पंचायत के मार्गदर्शन में योजना सफलतापूर्वक चल रही है। महिलाओं के लिए आजीविका सेवा केंद्र भी खोले जा रहे हैं, जहां उन्हें बीज, खाद और उपकरण मिलेंगे।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो रही है।