रायपुर 9 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Groundwater monitoring using advanced digital monitoring technology./ डिजिटल भूजल निगरानी , जल शक्ति मंत्रालय ने देशभर में भूजल की प्रभावी निगरानी के लिए उन्नत डिजिटल तकनीक को अपनाया है। विभिन्न योजनाओं के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में टेलीमेट्री युक्त डिजिटल जल स्तर रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर) स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से भूजल स्तर और गुणवत्ता के वास्तविक समय के आंकड़े प्राप्त हो रहे हैं, जिससे भूजल की स्थिति का सटीक आकलन संभव हुआ है।
वार्षिक आकलन और डेटा साझा करना
जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) राज्य सरकारों के सहयोग से देश के भूजल संसाधनों का वार्षिक आकलन करता है। इसके जरिए जल संकटग्रस्त ब्लॉक, तहसील और तालुकों की पहचान की जाती है। भूजल स्तर और गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्टें नियोजन और लक्षित उपायों के लिए संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ साझा की जाती हैं।
जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभियान
केंद्र सरकार जल शक्ति अभियान के माध्यम से भूजल संरक्षण और पुनर्भरण के कार्य कर रही है। इसके साथ ही ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान शुरू कर वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाया गया है। मिशन अमृत सरोवर के तहत देशभर में लगभग 69 हजार जल निकायों का निर्माण और पुनरुद्धार किया गया है।
सीजीडब्ल्यूबी द्वारा भूजल गुणवत्ता की भी नियमित निगरानी की जाती है और रिपोर्ट व अलर्ट जारी किए जाते हैं। उद्योगों के लिए सुरक्षा उपाय और अपशिष्ट नियंत्रण अनिवार्य किए गए हैं। कृषि क्षेत्र में अटल भूजल योजना और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ योजना के माध्यम से जल के सतत और कुशल उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
