रायपुर, 09 मार्च 2026/ ETrendingIndia / ई-रिक्शा से आत्मनिर्भर महिला , धमतरी जिले के ग्राम रीवागहन की निवासी श्रीमती शशि देवी कंवर आज अपने संघर्ष, परिश्रम और शासन की योजनाओं के सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी हैं। कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवनयापन करने वाली शशि देवी आज ई-रिक्शा संचालन कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने लगी है। इससे वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सफल हुई है।
श्रीमती कंवर की पारिवारिक स्थिति कमजोर थी और परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्हें अपने पति श्री ज्योति कुमार कंवर के साथ मजदूरी करनी पड़ती थी। इसी दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ के अंतर्गत आईसीआरपी टीम के मार्गदर्शन से वे नव दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने लगीं। नियमित बचत, साप्ताहिक बैठकों में सहभागिता तथा मिशन के 11 सूत्रों के पालन से उन्होंने समूह गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने जिला पंचायत धमतरी के सहयोग से बड़ौदा ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 30 दिवसीय ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के पश्चात प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से ऋण लेकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। वर्तमान में शशि देवी प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
उनकी सफलता से प्रेरित होकर परिवार ने एक और ई-रिक्शा खरीदा, जिसे उनके पति चला रहे हैं। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास भी प्राप्त हुआ। आज वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
