रायपुर, 8 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Government’s Cautious Stance on E25 Petrol: Next Decision Only After E20 Experience…” केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन E25 पेट्रोल (75 प्रतिशत पेट्रोल और 25 प्रतिशत एथेनॉल) को लागू करने में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
सरकार पहले यह सुनिश्चित करना चाहती है कि E20 पेट्रोल का वाहनों के इंजन, माइलेज, प्रदर्शन और अन्य पुर्जों पर क्या प्रभाव पड़ा है।
सरकार इस विषय पर ऑटोमोबाइल कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से लगातार चर्चा कर रही है। E20 के उपयोग से जुड़े अनुभवों और तकनीकी रिपोर्टों की समीक्षा के बाद ही E25 पेट्रोल को मंजूरी देने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
भारत सरकार की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति और एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blended Petrol Programme) के तहत पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों विशेषकर गन्ना उत्पादकों और अनाज उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना तथा प्रदूषण में कमी लाना है।
सरकार का कहना है कि नई ईंधन नीति लागू करते समय वाहन उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसलिए E25 पेट्रोल को लागू करने से पहले सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
