रायपुर / ETrendingIndia / दिल्ली और एनसीआर में ED अल-फला ग्रुप रेड
प्रवर्तन निदेशालय ने आज दिल्ली और एनसीआर में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई ED अल-फला रेड के तहत की गई। इस दौरान 25 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे गए। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
शेल कंपनियों और फाइनेंशियल अनियमितताओं की जांच
एजेंसी ने बताया कि नौ शेल कंपनियां जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा, सभी शेल कंपनियां एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं। इसलिए, ED ने इनके वित्तीय लेन-देन को संदिग्ध माना है। जांच में कई ‘अकॉर्मोडेशन एंटिटीज़’ और कथित मनी रूट की भी पड़ताल की जा रही है। ED अल-फला ग्रुप रेड के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।
UGC और NAAC मान्यता दावों में विसंगतियाँ
एजेंसी के अनुसार UGC और NAAC मान्यता को लेकर भी गंभीर विसंगतियाँ मिली हैं। इसलिए यह पहलू संबंधित संस्थानों से मिलकर सत्यापित किया जा रहा है। जांच दल यह समझने की कोशिश कर रहा है कि मान्यता के दावे वास्तविक हैं या वित्तीय लाभ के लिए इनका गलत उपयोग हुआ।
दिल्ली ब्लास्ट केस से संभावित कनेक्शन
10 नवंबर को लालकिले के पास हुए ब्लास्ट केस के बाद अल-फला यूनिवर्सिटी की गतिविधियाँ जांच के दायरे में आईं। इसके बाद कई डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई। फिर भी, कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन्स अभी जांच में हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि ED अल-फला ग्रुप रेड से ब्लास्ट केस की मनी ट्रेल को समझने में मदद मिलेगी।
आगे क्या?
जांच अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच होगी। साथ ही बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स की गहन पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा हो सकता है कि आने वाले दिनों में और भी छापेमारी की जाए। अंत में, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक पूरा नेटवर्क सामने नहीं आता।
