रायपुर 8 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / ED Mamata Banerjee Raid को लेकर बड़ा दावा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ED Mamata Banerjee Raid मामले में सनसनीखेज दावा किया है।
एजेंसी के अनुसार, छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं।
इसके बाद, कथित तौर पर अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हटाए गए।
इस कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की बात कही गई है।
I-PAC निदेशक के घर चल रही थी मनी लॉन्ड्रिंग जांच
ED के मुताबिक, यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित है।
यह मामला 2020 में CBI द्वारा दर्ज किया गया था।
इसके तहत पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापे मारे गए।
इसी क्रम में ED Mamata Banerjee Raid चर्चा में आया।
हवाला लेन-देन और करोड़ों के ट्रांजैक्शन का आरोप
ED ने दावा किया कि कोयला तस्करी से जुड़ा पैसा हवाला के जरिए भेजा गया।
यह रकम I-PAC की रजिस्टर्ड कंपनी तक पहुंचाई गई।
उदाहरण स्वरूप, लेन-देन की राशि कई करोड़ रुपये बताई गई है।
हालांकि, I-PAC की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
जांच में बाधा और PMLA उल्लंघन का आरोप
एजेंसी का कहना है कि ED Mamata Banerjee Raid के दौरान जांच में रुकावट आई।
ED ने इसे PMLA के तहत गंभीर मामला बताया।
लेकिन, ED ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई चुनाव से जुड़ी नहीं है।
अंततः, एजेंसी ने इसे नियमित और कानूनी प्रक्रिया करार दिया।
