Share This Article रायपुर, 07 अगस्त 2026/ Education News : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने संभागीय आयुक्त (कमिश्नर) और जिला कलेक्टर कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब आवश्यकता पड़ने पर सरकारी स्कूलों में पदस्थ गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों (लिपिक एवं भृत्य) को प्रतिनियुक्ति पर कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालयों में भेजा जा सकेगा। मूल पदों पर वापसी से प्रभावित हुआ प्रशासनिक कामकाज जानकारी के अनुसार, कई जिलों में प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए स्कूलों के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त कार्यालयों में संलग्न किया गया था। हाल ही में इन कर्मचारियों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजे जाने के बाद संबंधित कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित होने लगा। ऐसे होगी प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया इस स्थिति को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, यदि किसी कलेक्टर या कमिश्नर कार्यालय में कर्मचारियों की अत्यधिक आवश्यकता है, तो वे अपने स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध लिपिक और भृत्य की प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव भेज सकेंगे। यह प्रस्ताव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। स्कूलों का कामकाज नहीं होगा प्रभावित सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिनियुक्ति के दौरान किसी भी स्कूल को पूरी तरह कर्मचारी-विहीन नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ओर जिला और संभाग स्तर के प्रशासनिक कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी दूर होगी, वहीं दूसरी ओर स्कूलों की नियमित कार्यप्रणाली भी प्रभावित नहीं होगी। Share This Article Post navigation Police Transfer : धमतरी पुलिस में बड़ा फेरबदल…! 46 पुलिसकर्मियों के तबादले…SI-ASI सहित हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की नई पदस्थापना Four Lane : नांदघाट-मुंगेली रोड होगी अपग्रेड, पूर्व में स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन करने अतिरिक्त 21.81 करोड़ स्वीकृत