रायपुर सितम्बर 15, 2025 / ETrendingIndia / Engineers Research and Training Institute will be established in Madhya Pradesh: Chief Minister Dr. Yadav / इंजीनियर्स रिसर्च ट्रेनिंग संस्थान , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा।
इंजीनियर्स रिसर्च ट्रेनिंग संस्थान , इससे अभियंताओं को नवीन तकनीक और कार्यपद्धति का प्रशिक्षण देकर कार्यक्षमता में वृद्धि किया जा सकेगा.
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पीएम गति शक्ति जैसे अनेक कार्यों से इंजीनियर्स को प्रोत्साहित कर रहे हैं। देश के अभियंताओं ने चिनाब ब्रिज जैसे निर्माण कर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय संसद के भवन मध्यप्रदेश की प्राचीन संरचनाओं से प्रेरित हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियंता का अर्थ है आरंभकर्ता और हमारे इंजीनियर शुभारंभकर्ता हैं।
भगवान विश्वकर्मा को तकनीक और अभियांत्रिकी का आराध्य माना जाता है। भारतीय संसद के दोनों भवन भी मध्यप्रदेश की प्राचीन संरचनाओं से प्रेरित हैं। इंजीनियर्स एक प्रकार से हनुमान जी के समान है, जो कठिन से कठिन कार्य को सरल बनाने की क्षमता और योग्यता रखते हैं। सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने 20वीं शताब्दी में देश के कठिन समय में अभियांत्रिकी के नए कीर्तिमान गढ़े। मुख्यमंत्री सम्मानित होने वाले सभी अभियंताओं और संविदाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
दो डिजीटल प्लेटफार्म का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म “लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप” और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया।
अभियंता हुए सम्मानित
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के श्री सुनील कौरव तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, बुधनी, श्रीमती प्रीति यादव एवं श्री प्रमेश कोरी सहायक यंत्री जबलपुर, श्री संजीव कालरा सहायक यंत्री (भवन) रीवा, सुश्री भुवना जोशी अनुविभागीय अधिकारी सेतु उपसंभाग शिवपुरी, श्री राजीव श्रीवास्तव महाप्रबंधक एमपीआरडीसी, ग्वालियर, श्री दीपक शर्मा सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी, उज्जैन तथा श्री विक्रम सोनी, उप महाप्रबंधक मध्यप्रदेश बिल्डिंग कॉरपोरेशन, भोपाल को मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार मेसर्स एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद, मेसर्स निविक कंस्ट्रक्शन, मेसर्स रानीघाटी इन्फ्राटेक प्रा.लि. गुरूग्राम, मेसर्स हरगोविन्द गुप्ता छतरपुर को विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रानी दुर्गावती पर्यावरण हितैषी पुरस्कार डॉ. दीपक पाण्डेय को प्रदान किया गया।
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के कार्यो और उपलब्धियों का उल्लेख किया.
प्राचीन भारत की इंजीनियरिंग परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों वर्ष पहले हमारे पूर्वजों ने ऐसे चमत्कारिक निर्माण किए जिनकी मिसाल आज भी दुनिया देती है। चाहे वह विशाल मंदिर हों, उन्नत जल प्रबंधन प्रणालियाँ हों या खेल संरचनाएँ।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे पुराने स्टेडियम और जटिल हाइड्रो पावर प्रणालियाँ भारत में विकसित की गईं।
राजा भोज जैसे महान शासकों ने जिस वैज्ञानिक दृष्टि से नगरों और संरचनाओं का निर्माण कराया, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम को प्रमुख सचिव लोक निमार्ण श्री सुखवीर सिंह ने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया मध्यप्रदेश में तिगरा बांध के निर्माण में सर विश्वेश्वरैया की महत्वपूर्ण भूमिका बताया।
उन्होंने ब्रिटिश शासन में भारतीयों की उपेक्षा के कारण इंजीनियर की शासकीय नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। सर विश्वेश्वरैया ने जीवन में कभी स्वाभिमान से समझौता नहीं किया।
