Share This Article रायपुर, 18 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ईपीएफओ की जरूरी कवरेज वाली वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये महीना करने को मंजूरी दी है। इससे संगठित क्षेत्र के 51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे। यह बदलाव 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा, जिससे भविष्य निधि, पेंशन और बीमा सुरक्षा पाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। नई सीमा लागू होने के बाद 25,000 रुपये तक की मूल मासिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को जरूरी भविष्य निधि योजना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ उन्हें कर्मचारी पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना का लाभ भी मिलेगा। यानी नौकरी के दौरान नियमित बचत होगी और भविष्य के लिए पेंशन सुरक्षा मजबूत होगी। कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को बीमा सहायता भी मिल सकेगी। इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा मिलेगी।ईपीएफओ की जरूरी वेतन सीमा में आखिरी बदलाव सितंबर, 2014 में हुआ था। उस समय इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये महीना किया गया था। अब करीब 12 साल बाद सीमा को फिर बढ़ाया गया है। सरकार के अनुसार, इस फैसले में बढ़ती महंगाई, वेतन में लगातार बढ़ोतरी और संगठित रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखा गया है। इससे 15,000 से 25,000 रुपये वेतन पाने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा।ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, करीब 7.68 लाख संस्थानों में लगभग 7.98 करोड़ सदस्य योगदान करते हैं।कर्मचारी पेंशन योजना के तहत करीब 82 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलता है। नई वेतन सीमा बढऩे से ज्यादा कर्मचारी इन योजनाओं से जुड़ सकेंगे। भविष्य निधि में बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। हालांकि, 25,000 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए जरूरी सदस्यता की शर्तें अलग रह सकती हैं। Share This Article Post navigation Tata Sons में बड़ा बदलाव… चंद्रशेखरन फिर बने चेयरमैन, नोएल टाटा ने किया विरोध, टाटा ग्रुप के शेयरों में गिरावट MP Semiconductor Investment : सेमीकंडक्टर निवेश पर एमपी का बड़ा दांव, इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगा बड़ा निवेशक सम्मेलन