Iraq
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रायपुर, 28 जुलाई / ETrendingIndia / उत्तरी इराक के एरबिल में मंगलवार सुबह कई धमाके हुए. इसमें अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास हुआ धमाका भी शामिल है, क्योंकि ईरानी ड्रोन ने पूरे इलाके में कई जगहों को निशाना बनाया.

पुलिस सूत्रों के हवाले से ने बताया कि कम से कम चार ईरानी ड्रोन ने उत्तरी इराक के खलीफान और सोरान इलाकों में जगहों को निशाना बनाया, जो एरबिल के उत्तर-पूर्व में हैं.

हमले से टारगेट किए गए इलाकों में और उसके आस-पास बहुत बड़ी आग लग गई, पुलिस ने बताया कि टारगेट की गई जगहों के पास दो ड्रोन क्रैश हो गए.

सूत्रों ने बताया कि पूरे एरबिल में कम से कम सात धमाके भी सुने गए जिसमें अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास के इलाके भी शामिल हैं.

शक वाले ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में पुलिस सूत्रों ने बताया कि कहा जा रहा है कि दस से ज़्यादा अमेरिकी युद्धक विमान और ड्रोन एरबिल के ऊपर उड़ते देखे गए.

इसके अलावा ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने इराकी सोर्स का हवाला देते हुए अल अनबर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन के नष्ट होने की खबर दी, जबकि लोकल मीडिया ने हदीथा डैम के पास एक अमेरिकी ड्रोन क्रैश की तस्वीरें जारी की.

इन हमलों के साथ उत्तरी और पश्चिमी इराक में बड़े पैमाने पर मिलिट्री एक्टिविटी भी हुई. आईआरआईबी ने बताया कि सुलेमानिया में खोर मोर गैस फील्ड पर हमला किया गया.

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर चल रही डिप्लोमैटिक कोशिशें फेल हो जाती हैं तो वह ईरान के खिलाफ बहुत कड़ी मिलिट्री कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं.
हालांकि उन्होंने कन्फर्म किया कि उन्होंने बातचीत को एक और मौका देने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक पर प्लान किए गए हमलों को रोक दिया है, रिपोर्ट के मुताबिक.

एक्सियोस के मुताबिक अभी की बातचीत एक नए समझौते पर पहुंचने पर फोकस है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा और ईरान के साथ एक बड़ी न्यूक्लियर डील पर बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी.

बातचीत मुख्य रूप से ईरान और ओमान लीड कर रहे हैं, जिसमें कतर, पाकिस्तान, मिस्र और ट्रंप के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और सीनियर सलाहकार जेरेड कुशनर भी एक्टिव रोल निभा रहे हैं.

एक्सियोस से बात करते हुए ट्रंप ने इशारा किया कि हालांकि अभी डिप्लोमेसी ही पसंदीदा रास्ता है, लेकिन अगर बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकलता है तो मिलिट्री एक्शन एक ऑप्शन है. ट्रंप ने एक्सियोस को बताया, हम ईरान के साथ बहुत गहरी बातचीत कर रहे हैं. अगर वे कामयाब नहीं होते हैं, तो हम बहुत सख्त मिलिट्री एक्शन पर वापस जाएंगे.

जब उनसे पूछा गया कि वह डिप्लोमेसी के लिए कितना समय देने को तैयार हैं, तो ट्रंप ने एक्सियोस को बताया, ज्यादा समय नहीं. या तो यह तेजी से आगे बढ़ेगा या बिल्कुल नहीं.

एक्सियोस के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मीडिएशन की कोशिशों में शामिल देशों और कई रीजनल सरकारों के बातचीत को एक और मौका देने की रिक्वेस्ट के बाद प्लान किए गए अमेरिकी स्ट्राइक को रोकने का फैसला किया.