DGCA asks airlines
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रायपुर / ETrendingIndia / ज्वालामुखी राख के भारत पहुँचने से उड़ानें प्रभावित

इथियोपियन ज्वालामुखी राख भारत में पहुंच गई है, जिससे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। राख का यह बादल राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के ऊपर से गुजरा। इसलिए कई जगहों पर दृश्यता कम हुई और उड़ानों में देरी हुई।

इसके अलावा, राख पूर्व दिशा की ओर बढ़ती रही, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। एयरलाइंस को उड़ान पथ बदलने पड़े और कुछ क्षेत्रों से बचना पड़ा।


DGCA ने जारी की एयरलाइंस को चेतावनी

DGCA ने इथियोपियन ज्वालामुखी राख के कारण एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी की। इस कारण कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। Akasa Air, IndiGo और KLM ने कुछ सेवाएँ रद्द कीं। इसके अलावा, DGCA ने एयरपोर्ट्स को भी संचालन में सावधानी बरतने को कहा।

राख का बादल हाइली-गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट से बना है। यह ज्वालामुखी लगभग 10,000 साल बाद फटा और विशाल राख का गुबार हवा में फैल गया। परिणामस्वरूप, इसकी राख समुद्र पार कर भारत तक पहुंची।


IMD ने बताया सीमित प्रभाव

IMD ने बताया कि राख का बादल 10 किलोमीटर से ज्यादा ऊँचाई पर है। इसलिए दिल्ली सहित अन्य शहरों में वायु प्रदूषण पर इसका असर बहुत कम होगा। हालांकि, कुछ घंटों तक दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

इसके बाद राख का प्रवाह तेजी से पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इस कारण इसका प्रभाव सीमित समय और सीमित क्षेत्रों तक रहेगा।


निष्कर्ष

अंत में, इथियोपियन ज्वालामुखी राख भारत में पहुंचने से विमानन क्षेत्र में हलचल बढ़ी। हालांकि, DGCA और IMD के सक्रिय प्रबंधन के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। इस प्रकार, उड़ान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।