Delhi's new EV policy will change the landscape...! Electric vehicles will increase on the roads... and pollution will be curbed.EV Policy
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रायपुर, 29 अगस्त 2026/ EV Policy : दिल्ली सरकार ने EV Policy 2026 को मंजूरी देकर राजधानी में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नीति 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। इसमें EV खरीद पर आर्थिक प्रोत्साहन, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने पर इंसेंटिव और बड़े चार्जिंग नेटवर्क की व्यवस्था की गई है। इस नीति ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को काफी तेजी से बढ़ाया है.

प्रदूषण घटाने की दिशा में बड़ा कदम

इलेक्ट्रिक वाहनों में पेट्रोल-डीजल वाहनों की तरह टेलपाइप से धुआं नहीं निकलता। इसलिए शहर में EV की संख्या बढ़ने से सड़क किनारे होने वाला वायु प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने में मदद मिलेगी। दिल्ली में पहले की EV नीति के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।

₹30 लाख तक की EV कार पर रोड टैक्स माफ

₹30 लाख तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिल रही है। इससे EV खरीद की शुरुआती लागत कम हुई है और अधिक लोग इलेक्ट्रिक कार अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों रहें हैं.

दोपहिया से मालवाहक तक आर्थिक मदद

सरकार की ओर से-
इलेक्ट्रिक दोपहिया: ₹30,000 तक
इलेक्ट्रिक तीनपहिया: ₹50,000 तक
N1 इलेक्ट्रिक मालवाहक: ₹1 लाख तक
की खरीद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

पुराने प्रदूषणकारी वाहन हटेंगे

पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया EV खरीदने पर ₹5,000 से ₹1 लाख तक स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। इससे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे सड़क से हटाने में मदद मिलेगी।

30 हजार से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट

दिल्ली में 30,000 से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट विकसित करने की योजना है। पर्याप्त चार्जिंग सुविधा मिलने से EV इस्तेमाल करने वालों की सबसे बड़ी चिंता, चार्जिंग की उपलब्धता, कम होगी।

2027 से नए ऑटो और N1 वाहन सिर्फ इलेक्ट्रिक

1 जनवरी 2027 से नए ऑटो-रिक्शा और N1 श्रेणी के मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहन पात्र होंगे।

2028 से नए दोपहिया भी सिर्फ EV

1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इससे आने वाले वर्षों में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की जगह EV का हिस्सा तेजी से बढ़ सकता है।

सब्सिडी सीधे खाते में

पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी।

नीति किस तरह उपयोगी साबित हो रही है ?

दिल्ली की पिछली EV नीति के दौरान EV अपनाने में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। 2025 में दिल्ली में नए वाहनों के पंजीकरण में EV की हिस्सेदारी करीब 14% पहुंच गई थी। तीन पहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक प्रोत्साहन और सरकारी नीतियां लोगों को पेट्रोल-डीजल से EV की ओर ले जाने में प्रभावी हो सकती हैं।

सिर्फ प्रदूषण नहीं, ईंधन बचत भी

EV के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल की खपत घटेगी, जिससे ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने और परिवहन की लागत घटाने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि EV के पर्यावरणीय फायदे और ज्यादा बढ़ेंगे, जब उन्हें चार्ज करने के लिए बिजली में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, दिल्ली की EV Policy 2026 केवल वाहन खरीद पर सब्सिडी की योजना नहीं है, बल्कि पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने, नए वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने और चार्जिंग ढांचा तैयार करने की एक समग्र रणनीति है। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में दिल्ली को कम प्रदूषण और अधिक टिकाऊ परिवहन वाली राजधानी बनाना है।


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