रायपुर / ETrendingIndia / दो ब्लैक होल तस्वीर , OJ287 में पहली बार दो ब्लैक होल दिखाई दिए
खगोलविदों ने OJ287 नामक दूरस्थ आकाशगंगा में पहली बार दो सुपरमैसिव ब्लैक होल की तस्वीर कैद की।
ये दोनों ब्लैक होल हर 12 साल में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं।
इस खोज ने दशकों की भविष्यवाणियों को सत्यापित किया और खगोल विज्ञान में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीक
इस अध्ययन में ARIES, TIFR, University of Turku और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल थे।
तस्वीर RadioAstron स्पेस टेलीस्कोप और ग्राउंड-आधारित शक्तिशाली दूरबीनों की मदद से ली गई।
इस संयुक्त अवलोकन से ब्लैक होल की स्थिति और हाई-एनर्जी जेट की स्पष्ट तस्वीर मिली।
वैज्ञानिकों की प्रतिक्रियाएं और महत्व
डॉ. अलोक सी. गुप्ता (ARIES) ने कहा कि यह खोज दो ब्लैक होल की गतिशीलता को समझने में अभूतपूर्व अंतर्दृष्टि देती है।
सिस्टम OJ287 भविष्य में गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अध्ययन के लिए प्राकृतिक प्रयोगशाला के रूप में काम करेगा।
भारतीय शोधकर्ताओं की भागीदारी से भारत का खगोल विज्ञान में योगदान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।
भविष्य की योजनाएं और अनुसंधान
वैज्ञानिक OJ287 का लगातार निरीक्षण जारी रखेंगे ताकि ब्लैक होल की गति और जेट के बदलावों का पता लगाया जा सके।
भविष्य में पृथ्वी-आधारित टेलीस्कोपों से कम रिज़ॉल्यूशन मिलेगा, मगर जेट की गतिविधियां उनके आपसी इंटरैक्शन को दर्शाती रहेंगी।
इस खोज ने अंतरिक्ष और ब्लैक होल सिस्टम की समझ को नई दिशा दी है।
निष्कर्षतः
यह पहला दृश्य प्रमाण है कि दो ब्लैक होल परिक्रमा कर सकते हैं।
OJ287 का अध्ययन खगोल विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण तरंगों की समझ को आगे बढ़ाएगा।
भारत के वैज्ञानिकों ने इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि में अहम योगदान दिया है।
