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रायपुर 14 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर चीन की पकड़ चिंता का विषय

G7 देशों ने चीन दुर्लभ पृथ्वी निर्भरता को कम करने के तरीकों पर गंभीर चर्चा की है।
वॉशिंगटन में हुई इस बैठक में वित्त मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित और विविध बनाना है।


भारत समेत कई देश बैठक में शामिल

इस अहम बैठक में भारत, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और अमेरिका शामिल रहे।
इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
हालांकि, बैठक के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया।


वैकल्पिक आपूर्ति और मूल्य निर्धारण पर चर्चा

बैठक में चीन दुर्लभ पृथ्वी निर्भरता घटाने के लिए न्यूनतम मूल्य तय करने और नई साझेदारियां बनाने पर विचार हुआ।
जापान की वित्त मंत्री सत्सुकी कटायामा ने कहा कि चीन पर निर्भरता जल्द कम करने की व्यापक सहमति बनी है।
उन्होंने अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक रणनीतियों पर जोर दिया।


यूरोप ने आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

जर्मनी के वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबाइल ने कहा कि यूरोप को खुद सक्रिय होना होगा।
उन्होंने किसी भी चीन-विरोधी गठबंधन से बचने की बात कही।
साथ ही, रीसाइक्लिंग और कच्चे माल में निवेश को अहम बताया।


रक्षा और तकनीक के लिए अहम हैं दुर्लभ खनिज

दुर्लभ पृथ्वी खनिज रक्षा तकनीक, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए जरूरी हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, चीन इन खनिजों की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है।
अंत में, G7 देशों ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।