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रायपुर, 05 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / भारत के संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) के संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जैसलमेर के सैम डेजर्ट नेशनल पार्क में कैप्टिव-ब्रीडिंग से पैदा हुए दो नर गोडावण को जंगल में आजाद किया गया।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और ग्राउंड स्टाफ की करीब एक दशक की मेहनत का परिणाम बताया।

दो गोडावण को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

जैसलमेर में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। सरकार के अनुसार यह कदम कैप्टिव-ब्रीडिंग कार्यक्रम को जंगल में पुनर्वास से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

वैज्ञानिकों की भावुक तस्वीर ने छुआ दिल

मंत्री भूपेंद्र यादव ने वैज्ञानिकों डॉ. सुतीर्थ दत्ता, डॉ. तुषना करकरिया और ऋषिका शर्मा की विशेष सराहना की।

उन्होंने कहा कि पक्षियों को आजाद करते समय वैज्ञानिक भावुक हो गए। यादव ने कहा कि इन वैज्ञानिकों और पूरी टीम के समर्पण की प्रशंसा के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे।

करीब एक दशक की मेहनत का नतीजा

जीआईबी संरक्षण अभियान में कैप्टिव-ब्रीडिंग, वैज्ञानिक शोध और प्राकृतिक आवास में पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है। जंगल में छोड़े गए पक्षियों से मिलने वाली वैज्ञानिक जानकारी भविष्य में और बस्टर्ड को सुरक्षित तरीके से प्राकृतिक वातावरण में लौटाने की रणनीति विकसित करने में मदद करेगी।

पीएम मोदी के सहयोग के लिए जताया आभार

भूपेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे वैज्ञानिक समुदाय को जीआईबी सहित अन्य वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मजबूती मिली है।


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