Share This Article रायपुर, 05 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / जीएसटी परिषद बुधवार को कारोबारियों के लिए टैक्स अनुपालन आसान बनाने वाले कई प्रक्रियागत सुधारों पर विचार कर सकती है। प्रस्तावों में छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म के गोदामों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण की सुविधा, वास्तविक खरीदारों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुरक्षा और छोटे कर विवादों को कम करने के उपाय शामिल हैं। छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं को राहत प्रस्ताव मंजूर होने पर छोटे विक्रेता उन राज्यों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के गोदाम को अपना कारोबारी पता इस्तेमाल कर सकेंगे, जहां उनका खुद का परिसर नहीं है। इससे हर राज्य में अलग-अलग पंजीकरण की जरूरत कम हो सकती है। खरीदारों का ITC सुरक्षित करने का प्रस्ताव ऐसे वास्तविक खरीदारों को राहत देने पर भी विचार है, जिन्होंने नियमों के अनुसार खरीदारी की है, लेकिन उनके सप्लायर ने टैक्स जमा नहीं किया। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे मामलों में खरीदार के ITC को सुरक्षित करना है। छोटे टैक्स विवाद घटाने पर जोर GST 2.0 प्रक्रिया सुधारों का लक्ष्य रजिस्ट्रेशन और रिटर्न दाखिल करना आसान बनाना, माल की आवाजाही को सुगम करना और करदाताओं व विभाग के बीच अनावश्यक विवाद कम करना है। ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा सरकार पहले भी ई-कॉमर्स निर्यात और छोटे कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान बनाने के कदम उठा चुकी है। ऐसे में नए प्रस्ताव छोटे विक्रेताओं की देशभर में ऑनलाइन बिक्री को और सुगम बना सकते हैं। Share This Article Post navigation रायलसीमा को बदलने के लिए बागवानी केंद्र : सीएम नायडू ब्रह्मपुत्र से फिर खुलेगा विदेशी व्यापार का रास्ता…! डिब्रूगढ़ से ढाका जाएगी पहली मालवाहक खेप…