Gyan Bharat Campaign: CM Vishnudeo Sai Moved to Tears Upon Viewing Rare 150-Year-Old Manuscripts! A Major Discovery in the 'Gyan Bharatam' Campaign—A Treasure Trove of Chhattisgarh's Intellectual Heritage Unearthed in Bade Kanera.
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रायपुर/कोंडागांव, 01 जून 2026/ Gyan Bharat Campaign : CM Vishnudev Sai became emotional after seeing 150 years old rare manuscripts

Gyan Bharat Campaign : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में ज्ञान भारतम् अभियान के तहत 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियों का अनमोल खजाना सामने आया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने स्वयं गांव पहुंचकर इन प्राचीन ग्रंथों का अवलोकन किया और इसे भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने ग्राम निवासी रामूराम यादव के घर सुरक्षित रखी गई उड़िया भाषा में लिखित आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा। इन ग्रंथों में पंजी, पुराण, पंचांग, पंजीयार और चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं, जिनका उपयोग वर्षों तक धार्मिक अनुष्ठानों, ज्योतिषीय गणनाओं और सामाजिक व्यवस्थाओं में किया जाता रहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पांडुलिपियां केवल पुराने ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की जीवंत सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की पहचान हैं। उन्होंने पीढ़ियों से इन्हें सुरक्षित रखने वाले परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है।

इस दौरान हरदू कश्यप, परमेश्वर मानिकपुरी, त्रिलोचन मानिकपुरी, पुरसोती राम मौर्य और चमरू नाग सहित कई संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ये धरोहरें उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में सुरक्षित हैं और आज भी विशेष सावधानी के साथ संरक्षित रखी जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने पांडुलिपियों के अध्ययन, पारंपरिक पद्धतियों और संरक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि आधुनिक समय में इन अमूल्य धरोहरों का डिजिटलीकरण और दस्तावेजीकरण बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में चल रहा ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है।