H-1B visaH-1B visa
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रायपुर, 11 सितंबर 2026। ETrendingIndia / अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B समेत कुछ अन्य वर्क वीजा धारकों को नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की ग्रेस पीरियड सुविधा खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।

नियम लागू हुआ तो नौकरी खत्म होते ही विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है, जब तक उन्हें नया स्पॉन्सर न मिल जाए। प्रस्ताव पर दो महीने तक सार्वजनिक सुझाव लिए जाएंगे।

60 दिन की राहत खत्म करने का प्रस्ताव

2017 से H-1B कर्मचारियों को नौकरी खत्म होने के बाद अधिकतम 60 दिन का समय मिलता है। इस दौरान वे नई नौकरी और नए वीजा स्पॉन्सर की तलाश कर सकते हैं। नए प्रस्ताव में इस सुविधा को हटाने की बात कही गई है।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर असर

H-1B वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी कंपनियां खासतौर पर भारत और चीन के skilled workers को नियुक्त करने के लिए करती हैं। TCS, Infosys, HCLTech, LTIMindtree के अलावा Deloitte, PwC और EY जैसे संगठन बड़े H-1B स्पॉन्सर हैं।

नौकरी जाने पर क्या होगा?

प्रस्ताव लागू होने पर नौकरी समाप्त होते ही संबंधित कर्मचारी को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में कंपनी नए सिरे से I-129 petition दाखिल कर कर्मचारी को वापस बुला सकती है।

सिर्फ H-1B ही नहीं

प्रस्ताव का असर E-1, E-2, E-3, H-1B1, L-1, O-1 और TN जैसे कुछ अन्य वर्क वीजा धारकों पर भी पड़ सकता है।

अभी तुरंत लागू नहीं होगा

यह अभी प्रस्तावित नियम है। इसे लागू करने से पहले करीब दो महीने का पब्लिक कमेंट पीरियड होगा। इसके बाद DHS अंतिम नियम जारी कर सकता है।

भारत के हजारों IT प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है, क्योंकि नौकरी छूटने पर नई नौकरी खोजने के लिए मिलने वाला समय काफी कम हो सकता है।


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