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रायपुर 24 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / From the lamp to the horizon: A grand proclamation of national consciousness and cultural values ​​at the Haridwar Centenary celebrations./ हरिद्वार शताब्दी समारोह , शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित दीप महायज्ञ केवल प्रकाशोत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक जागरण और युग-निर्माण के संकल्प का सशक्त मंच बनकर उभरा।

इस अवसर पर अपने संबोधन में जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि दीप महायज्ञ का उद्देश्य केवल बाह्य प्रकाश नहीं, बल्कि मानव अंतःकरण में विवेक, संवेदना और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की ज्योति प्रज्वलित करना है.

मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज, कोषाध्यक्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव के विचार-प्रवाह को युग की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि गायत्री परिवार आज जिन मूल्यों को समाज में प्रतिष्ठित कर रहा है, वे राष्ट्र के दीर्घकालीन निर्माण की आधारशिला हैं।

इस पावन अवसर पर स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने आदरणीय डॉ. पंड्या जी को अंगवस्त्र सहित भगवान श्रीराम के बालरूप की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया, तथा परम पूज्य गुरुदेव के संदेश और मिशन को समर्पण भाव से आगे बढ़ाने हेतु उनके नेतृत्व की सराहना की।

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का विशेष वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव की शिक्षाओं को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए गायत्री परिवार द्वारा संस्कारों के संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के उत्थान हेतु किए जा रहे व्यापक कार्यों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. चिन्मय पंड्या एवं शैफाली जिजी द्वारा ‘अनाहत’ पत्रिका का विमोचन किया गया, जो शताब्दी समारोह की वैचारिक चेतना और युगदृष्टि को शब्द रूप प्रदान करती है।