Hasdeo Bango Reservoir: Korba's Hasdeo Bango Reservoir is 92% full! Rainfall has enhanced its beauty; blue waters are visible far and wide.Hasdeo Bango Reservoir
Share This Article

रायपुर, 24 अगस्त 2026/ Hasdeo Bango Reservoir : प्रकृति, पहाड़ और पानी का अद्भुत संगम देखना हो तो कोरबा का मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय इन दिनों खास आकर्षण बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और 20 अगस्त तक यहां 91.7 प्रतिशत से अधिक जलभराव दर्ज किया गया है।

लगातार बारिश के कारण जलाशय का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। दूर-दूर तक फैला नीला पानी, आसपास की हरियाली और ऊंचे पहाड़ों का मनमोहक दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

पिछले साल से ज्यादा हुआ जलभराव

मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय में इस साल 20 अगस्त तक 91.7 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है। यह पिछले वर्ष दर्ज करीब 80 प्रतिशत जलभराव और वर्ष 2024 के 81.4 प्रतिशत जलभराव से अधिक है। जलस्तर बढ़ने के बीच जलाशय का गेट नंबर 9 भी खोला गया है। इससे बांध और जलाशय की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

दूर तक फैला पानी, पहाड़ों का खूबसूरत नजारा

कोरबा शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में स्थित बांगो जलाशय अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए खास पहचान रखता है।विशाल जलराशि के आसपास फैली हरियाली और ऊंचे पहाड़ों का दृश्य बारिश के मौसम में और भी आकर्षक हो गया है। जलाशय का नजारा देखने पहुंचने वाले लोग दूर तक फैले पानी को देखकर इसकी तुलना नीले आसमान से करते हैं।

छत्तीसगढ़ के बड़े जलाशयों में शामिल

मिनीमाता बांगो जलाशय का निर्माण वर्ष 1992 में पूरा हुआ था। इसका नाम छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता के नाम पर रखा गया है। जलाशय का डूबान क्षेत्र करीब 185 वर्ग किलोमीटर बताया जाता है और इसे राज्य के प्रमुख बड़े जलाशयों में गिना जाता है।

लाखों लोगों और किसानों के लिए अहम

हसदेव बांगो परियोजना सिर्फ प्राकृतिक पर्यटन का केंद्र नहीं है। यह क्षेत्र के लोगों की जल जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जलाशय से मिलने वाला पानी कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बांध की सुरक्षा पर भी निगरानी

जलाशय और बांध की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा जवानों की तैनाती के साथ CCTV निगरानी समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। लगातार बारिश और बढ़ते जलभराव को देखते हुए बांध की स्थिति पर संबंधित विभागों द्वारा नजर रखी जा रही है।

प्रकृति और विकास का खूबसूरत संगम

मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय प्रकृति की खूबसूरती और विकास की जरूरतों का अनोखा संगम है। एक ओर जहां यह किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत है, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में इसका विशाल जल क्षेत्र और पहाड़ी परिवेश पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। 92 प्रतिशत के करीब पहुंचा जलभराव और बारिश से निखरी प्राकृतिक खूबसूरती ने हसदेव बांगो को इन दिनों छत्तीसगढ़ के बेहद खूबसूरत जलाशयों में शामिल कर दिया है।


Share This Article