रायपुर 25 दिसम्बर 2025/ ETrendingIndia / Hathras’ asafoetida has gained recognition in the country and the world, and the Uttar Pradesh government’s efforts have boosted its trade./ Hathras Hing Industry , हाथरस की हींग आज अपनी खास खुशबू और शुद्धता के कारण देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वर्षों से हाथरस क्षेत्र में बनने वाली हींग को पारंपरिक तरीकों से तैयार किया जाता है, जिसकी गुणवत्ता अन्य स्थानों की हींग से अलग मानी जाती है। इसी विशिष्टता के कारण हाथरस की हींग को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी पहचान और भरोसा और मजबूत हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत हाथरस की हींग को विशेष समर्थन दिया है। इस योजना के माध्यम से कारीगरों और व्यापारियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, आधुनिक पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने की सुविधा मिल रही है। सरकार के प्रयासों से हींग उद्योग से जुड़े लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है और नए रोजगार के अवसर भी बने हैं।
हाथरस की हींग मुख्य रूप से ईरान और अफगानिस्तान से आयातित कच्चे माल से तैयार की जाती है, जिसे यहां पारंपरिक विधि से शुद्ध कर बेहतरीन गुणवत्ता वाली हींग में बदला जाता है। इसकी खुशबू तेज होती है और कम मात्रा में ही स्वाद बढ़ाने की क्षमता रखती है, इसी कारण इसकी मांग घरेलू रसोई से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बनी हुई है।
Hathras Hing Industry , उत्तर प्रदेश सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार काम कर रही है। व्यापारियों को निर्यात संबंधी जानकारी, गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। इससे हाथरस की हींग अब खाड़ी देशों, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही है।
कुल मिलाकर, हाथरस की हींग उत्तर प्रदेश की पारंपरिक विरासत और उद्यमशीलता का प्रतीक बन चुकी है। किसानों की मेहनत से यह सुगंधित उत्पाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक पहचान भी दिला रहा है।
