Share This Article रायपुर, 31 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन के दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के फैसले के बाद बैंक नए CEO की तलाश में जुट गया है। 26 अक्टूबर को जगदीशन का कार्यकाल खत्म होगा। नए CEO के सामने सिर्फ बैंक की कमान संभालने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि निवेशकों का भरोसा, गवर्नेंस और शेयर प्रदर्शन सुधारने की बड़ी चुनौती भी होगी। करीब 3 दशक बाद नेतृत्व में बदलाव जगदीशन करीब 30 वर्षों से HDFC Bank से जुड़े रहे और 2020 में आदित्य पुरी के बाद CEO बने थे। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2023 में HDFC Ltd के साथ ऐतिहासिक मर्जर शामिल रहा। शेयर का प्रदर्शन निवेशकों के लिए चिंता HDFC Bank का शेयर इस साल करीब 27% गिर चुका है, जबकि Nifty Bank में गिरावट करीब 3.5% रही। बैंक के कमजोर रिलेटिव प्रदर्शन ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। गवर्नेंस को लेकर उठे सवाल दुबई ब्रांच पर रेगुलेटरी कार्रवाई, चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफा और डिपॉजिट की प्राइसिंग से जुड़े विवादों ने बैंक की गवर्नेंस पर सवाल खड़े किए। हालांकि बैंक ने गलत काम से इनकार किया है और RBI ने सार्वजनिक रूप से गवर्नेंस समस्या की बात नहीं कही है। नए CEO से बाजार को बड़ी उम्मीद नए नेतृत्व के चयन पर बाजार की नजर रहेगी। निवेशक देखेंगे कि नया CEO गवर्नेंस मजबूत करने, ग्रोथ बढ़ाने और शेयर में भरोसा लौटाने के लिए क्या रणनीति अपनाता है। HDFC Ltd मर्जर की चुनौतियां भी सामने मर्जर के बाद बैंक के पास लंबी अवधि के होम लोन का बड़ा पोर्टफोलियो आया है। इससे लिक्विडिटी और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियां सामने आईं। नए CEO को मर्जर का पूरा फायदा उठाते हुए ग्रोथ और मुनाफे में संतुलन बनाना होगा। क्यों अहम है HDFC Bank? HDFC Bank की Nifty 50 में करीब 10% हिस्सेदारी है। इसलिए बैंक के शेयर में बड़ा उतार-चढ़ाव पूरे भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या नया नेतृत्व HDFC Bank की पुरानी चमक और निवेशकों का भरोसा वापस ला पाएगा? Share This Article Post navigation India Foreign Policy : भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों में नया अध्याय…! रणनीतिक साझेदारी पर लगी मुहर; व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर सहमति 8th Pay Commission : जयपुर में आज से बड़ी बैठक… सैलरी-पेंशन पर क्या निकलेगा रास्ता ?