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रायपुर, 27 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जबकि कुछ इलाकों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को देश के कई हिस्सों में तेज से भारी बारिश होने की संभावना है और मौसम का यह असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।


मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और केरल में भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग में भी तेज बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश के बांदा, कानपुर और झांसी समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर तक हल्की बारिश भी हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यह मौसम तंत्र पूरे सप्ताह क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से मध्य, पूर्वी और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।


आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।


झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आंधी-तूफान के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है।


अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रहने तथा तेज झोंकों के दौरान इसकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।


मौसम विभाग के अनुसार, मानसून द्रोणिका एक लंबा निम्न दबाव क्षेत्र है, जो मानसून के दौरान बादलों के निर्माण और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती है। वर्तमान में यह जम्मू, देहरादून, बदायूं, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, डाल्टनगंज और दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है।


कम दबाव वाले क्षेत्र के साथ मानसून द्रोणिका की स्थिति देश के कई हिस्सों में बारिश के लिए अनुकूल बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में आने वाले दिनों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। इसका प्रमुख कारण मानसून द्रोणिका का हिमालय की तलहटी की ओर खिसकना है।


आमतौर पर मानसून द्रोणिका उत्तर-पश्चिमी भारत में नमी और बारिश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके हिमालय की ओर खिसकने से बारिश वाले बादल और नमी पहाड़ी क्षेत्रों के अधिक करीब केंद्रित हो गए हैं। यही वजह है कि इन मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है।दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, दक्षिणी प्रायद्वीप के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।


अगस्त में मौसम के लगातार बदलते मिजाज के कारण कई इलाकों में कभी गर्मी और उमस तो कभी तेज हवाओं और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी मौसम का यह मिला-जुला स्वरूप जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार, भारत से मानसून की वापसी आमतौर पर 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है। हालांकि, मौजूदा मौसम परिस्थितियों और पश्चिमी हवाओं के प्रभाव को देखते हुए इस वर्ष मानसून की वापसी सामान्य समय से पहले शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।


हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ जम्मू-कश्मीर में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अचानक बाढ़ और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि के कारण जनजीवन प्रभावित होने की चेतावनी दी है।


जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सतर्क रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को भी तैयार रखा गया है।


मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतें तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।


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