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रायपुर, 10 सितंबर 2026। ETrendingIndia / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में हिमालय दिवस–2026 का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (NMHS) और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “हिमालय है तो हम हैं—जल, जलवायु और मानव कल्याण हेतु” रहा।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने हिमालय के जल, जलवायु, जैव विविधता और मानव जीवन में महत्व के साथ जलवायु परिवर्तन और सतत विकास की चुनौतियों पर चर्चा की।

हिमालय का संरक्षण जरूरी

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), रायपुर के उप महानिदेशक अमित धारवाडकर ने ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संवेदनशील पर्वतीय पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाए बिना सतत विकास अपनाने पर जोर दिया।

जलवायु और विकास पर वैज्ञानिक सोच

एनआईटी रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. समीर बाजपेयी ने कहा कि हिमालय भारत की जलवायु, मानसून, जैव विविधता और सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने विकास नीतियों में वैज्ञानिक विशेषज्ञता को शामिल करने की जरूरत बताई।

छात्रों ने दिखाया उत्साह

कार्यक्रम में हिमालय के जल विज्ञान, जलवायु और आपदा प्रबंधन पर विशेषज्ञ सत्र हुए। विद्यार्थियों के लिए क्विज, पोस्टर-मेकिंग और इनोवेटिव आइडियाज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें एनआईटी रायपुर सहित अन्य संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया।

प्रतियोगिताओं के विजेता

पोस्टर प्रतियोगिता में महक शर्मा प्रथम, ख्याति सोम द्वितीय और स्निग्धा व विशाल घोष संयुक्त रूप से तृतीय रहे।

क्विज में अनिकेत चौबे-अनन्या अरुंधति महंती की टीम प्रथम रही। इनोवेटिव आइडियाज में भारती मिश्रा प्रथम, प्रीतिकान्त साहू द्वितीय और ऋषभ गुप्ता तृतीय रहे।

समापन अवसर पर CIPET रायपुर के निदेशक डॉ. आलोक साहू, CCOST के महानिदेशक डॉ. प्रशांत कवीश्वर और एनआईटी रायपुर के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) नरेंद्र डी. लोंढे मौजूद रहे।


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