Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / हांगकांग आग हादसा बना भयावह त्रासदी हांगकांग में हांगकांग आग हादसा अब बड़ी त्रासदी बन गया है।एक विशाल हाई-राइज हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग ने कम से कम 55 लोगों की जान ले ली।इसके अलावा करीब 300 लोग अभी भी लापता हैं।आग बुधवार दोपहर शुरू हुई और 24 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं बुझी थी। निर्माण कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप पुलिस के अनुसार इस हांगकांग आग हादसे के पीछे एक निर्माण कंपनी की “गंभीर लापरवाही” सामने आई है।कंपनी पर आरोप है कि उसने भवन की मरम्मत के दौरान असुरक्षित सामग्री का उपयोग किया।इसके कारण आग तेजी से फैली और कई निवासी फंस गए।पुलिस ने कंपनी के दो निदेशकों और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कई खिड़कियों पर लगे फोम की परतें आग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थीं।इन्हीं वजहों से हादसा और बड़ा बन गया। राहत-बचाव कार्य जारी, सैकड़ों लोग अब भी लापता दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।लेकिन गर्मी और धुएँ के कारण ऊपरी मंज़िलों तक पहुँचना कठिन है।इस हांगकांग आग हादसे में एक फायरफाइटर भी मारा गया।अब तक 900 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। कई परिवार अपने लापता सदस्यों की तलाश में परेशान हैं।बहुत से लोग अपनों की फोटो लेकर शेल्टरों और अस्पतालों के बाहर खोज कर रहे हैं। शहर की सबसे बड़ी आग, 1948 के बाद सबसे अधिक मौतें यह हांगकांग आग हादसा 1948 के बाद सबसे घातक आग बन गया है।तब एक वेयरहाउस आग में 176 लोगों की मौत हुई थी।स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर निर्माण कंपनी और प्रशासन पर कड़ा आक्रोश जताया है।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी “हरसंभव प्रयास” करने के निर्देश दिए हैं। आग के कारण कई सड़कें बंद हैं और 39 बस रूट डायवर्ट किए गए हैं।आसपास के स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है। रहवासी बेघर, कई परिवारों का सबकुछ खत्म कई लोगों का कहना है कि उनकी आजीवन जमा पूँजी इसी घर में थी।अब आग ने उनका सब कुछ जला दिया।शहर की महंगी संपत्ति कीमतें लोगों के दर्द को और बढ़ाती हैं।अनेक निवासी अब यह सोच भी नहीं पा रहे कि आगे कहाँ रहेंगे। Share This Article Post navigation भारत में पहुंची इथियोपियन ज्वालामुखी की राख, DGCA ने जारी की एयरलाइंस को सलाह ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका का 2026 G20 आमंत्रण रद्द किया, दक्षिण अफ्रीका बोला– यह दंडात्मक कदम