रायपुर,31 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / हुगली SIR सुनवाई विवाद , पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई को लेकर मगरा थाना इलाके से लेकर धनियाखाली तक में बवाल मचा। जहां आज चुचुड़ा के विधायक असीत मजूमदार ने बीडीओ कार्यालय में चल रही सुनवाई को बंद करवा दिया।
सुनवाई के लिए आए सैकड़ों लोग लाइन में खड़े रह गए। सुबह साढ़े ग्यारह बजे से ही ब्लॉक ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया। हालात को संभालने के लिए मगरा थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
वहीं धनियाखाली में एसआईआर सुनवाई केंद्र पर हंगामा हुआ। वहां पर भी तृणमूल विधायक ने असीमा पात्र सुनवाई प्रक्रिया रुकवा दी। असीमा पात्र ने सुनवाई केंद्र पहुंचकर पूरी प्रक्रिया बंद करवा दी। विधायक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक एसआईआर की सुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
इससे सुनवाई के लिए आए आम लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और माहौल गर्म हो गया। सोमवार दोपहर असीमा पात्र अपने विधानसभा क्षेत्र के एक सुनवाई केंद्र पर पहुंचीं और वहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि यदि बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट-2) को सुनवाई में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, तो सुनवाई पूरी तरह बंद रहेगी। उन्होंने धनियाखाली के बीडीओ को भी इस संबंध में चेतावनी दी।
विधायक ने सवाल उठाया कि जब घर-घर सर्वे के समय बीएलए-2 मौजूद थे, तो अब सुनवाई के दौरान उन्हें बाहर क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में लिखित आदेश दिखाने की मांग भी की। इसी तरह तृणमूल विधायक असित मजुमदार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि,हम इस तरह की हियरिंग प्रक्रिया के खिलाफ हैं। बिना किसी नियम के, किसी को भी कभी भी सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। जो लोग लंबे समय तक सरकारी सेवा कर चुके हैं, रिटायर हो चुके हैं, पेंशन पा रहे हैं—उन्हें भी हियरिंग में बुलाया जा रहा है।
यहां तक कि जिनके पास पासपोर्ट है, जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में दर्ज है, उन्हें भी हियरिंग के लिए बुलाया जा रहा है।
यह पूरी तरह से अव्यवस्था है। विधायक ने आगे कहा कि हियरिंग के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। लाइन में कई बुज़ुर्ग लोग घंटों खड़े हैं। लोगों की परेशानी की कोई सीमा नहीं है। हमारी साफ मांग है कि बीएलए-2 को सुनवाई में शामिल किया जाए।
अगर पारदर्शिता चाहिए, तो बीएलए-2 का मौजूद रहना जरूरी है।
