Share This Article रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। Hyundai Motor India Investment : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हुंडई मोटर इंडिया महाराष्ट्र के पुणे स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और आधुनिकीकरण पर 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करना और वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। कंपनी की योजना के मुताबिक, पुणे प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता को 2030 तक बढ़ाकर 3.20 लाख यूनिट करने का लक्ष्य है। पुणे प्लांट के विस्तार पर खर्च होंगे ₹11,000 करोड़ हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने इस निवेश योजना की घोषणा की है। यह पूंजीगत निवेश कई चरणों में किया जाएगा। इससे संयंत्र के उत्पादन ढांचे को आधुनिक बनाने और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। निवेश से महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही उन्नत तकनीक के इस्तेमाल और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावनाएं हैं। 1.70 लाख से बढ़कर 3.20 लाख होगी सालाना उत्पादन क्षमता वर्तमान में पुणे प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 1.70 लाख चार पहिया वाहनों की बताई गई है। कंपनी का लक्ष्य इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 2030 तक 3.20 लाख यूनिट सालाना करना है। संयंत्र में आधुनिक इंजनों के निर्माण के लिए हाई-टेक इंजन यूनिट भी स्थापित है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.50 लाख से अधिक इंजन बताई गई है। भारत में निवेश बढ़ाने की दीर्घकालिक रणनीति पुणे प्लांट के लिए प्रस्तावित 11,000 करोड़ रुपये का निवेश हुंडई की भारत-केंद्रित दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने अगले सात वर्षों में भारतीय बाजार में कुल 15.5 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस योजना में वाहन उत्पादन के साथ शोध एवं विकास (R&D), घरेलू कलपुर्जा आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पुर्जों के निर्माण को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा। भारत को वैश्विक कारोबार का अहम केंद्र मानती है कंपनी हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यूइसुन चुंग ने भारत को कंपनी के वैश्विक कारोबार का महत्वपूर्ण केंद्र बताया है। भारत में निर्मित हुंडई वाहनों का निर्यात आंकड़ा 40 लाख यूनिट के पार पहुंचने की जानकारी भी दी गई है। वर्ष 1999 से भारत में निर्मित गाड़ियों का दूसरे देशों में निर्यात किया जा रहा है, जो देश की वाहन विनिर्माण क्षमता के विस्तार को दर्शाता है। 2030 तक 11.40 लाख गाड़ियों की उत्पादन क्षमता का लक्ष्य कंपनी की योजना के अनुसार, चेन्नई और पुणे दोनों संयंत्रों के पूरी क्षमता से काम करने पर वर्ष 2030 तक भारत में हुंडई की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 11.40 लाख गाड़ियों तक पहुंच सकती है। पुणे प्लांट का विस्तार इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे भारतीय बाजार में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक निर्यात को मजबूती देने की संभावनाएं हैं। Share This Article Post navigation CG Sarafa Market : रायपुर में सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम सोना ₹1,49,600 पर पहुंचा