India’s air passenger traffic
NEW DELHI, INDIA - NOVEMBER 7: People wait outside the departure terminal at Indira Gandhi International (IGI) Airport on November 7, 2025 in New Delhi, India. Flight schedule of around 800 flights got disrupted due to a technical glitch in Automatic Message Switching System (AMSS) that supports the ATC flight planning process. Air traffic controllers were forced to manually prepare flight plans using available data, a time-consuming process that resulted in flight delays. (Photo by Sanjeev Verma/Hindustan Times via Getty Images)
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रायपुर / ETrendingIndia / भारत में हवाई यात्री यातायात 202 मिलियन , भारत में हवाई यातायात में 2.6% की वार्षिक वृद्धि

भारत में हवाई यात्री यातायात 202 मिलियन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.6 प्रतिशत अधिक है। रेटिंग एजेंसी केयरएज (CareEdge Ratings) की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले साल के 197 मिलियन से बढ़कर H1FY26 में 202 मिलियन हो गया।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यातायात दोनों में बढ़त

रिपोर्ट में बताया गया कि घरेलू हवाई यातायात में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अंतरराष्ट्रीय यातायात में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एजेंसी ने अनुमान लगाया कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कुल यात्री संख्या लगभग 430 मिलियन तक पहुंच सकती है, हालांकि पहले यह अनुमान 445 मिलियन था।

त्योहार सीजन और नए हवाई अड्डों से मिलेगी रफ्तार

रिपोर्ट के अनुसार, साल के दूसरे हिस्से में यातायात में और सुधार की उम्मीद है, क्योंकि त्योहार सीजन और दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शुरू होने से हवाई यात्रा को गति मिलेगी। एजेंसी का अनुमान है कि घरेलू यातायात में 3.5 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय यातायात में 8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

हवाई क्षेत्र के लिए अनुकूल परिदृश्य

केयरएज रेटिंग्स की एसोसिएट डायरेक्टर पलक व्यास ने बताया कि हालांकि कुछ चुनौतियाँ जैसे क्रॉस-बॉर्डर तनाव, विमान उपलब्धता में कमी और जून 2025 की दुर्घटना के बाद निरीक्षणों में देरी देखी गई, फिर भी हवाई क्षेत्र का परिदृश्य सकारात्मक है। रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वर्षों में यात्री यातायात 8–9 प्रतिशत की CAGR दर से बढ़ने की संभावना है।