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रायपुर 9 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / चीन बन गया भारत का प्रमुख निर्यात गंतव्य

भारत के निर्यात में चीन की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अप्रैल-नवंबर 2025 के वित्तीय वर्ष में भारत से चीन की कुल निर्यात राशि $12.22 बिलियन तक पहुँच गई, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 33% अधिक है।
इस वृद्धि से संकेत मिलता है कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में संरचनात्मक बदलाव हो रहा है।

अमेरिका में टैरिफ के कारण चीन को बढ़ी अहमियत

भारत-यूएस व्यापार संबंधों में तनाव के बीच अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाया गया।
इसके परिणामस्वरूप भारतीय उद्योगों ने चीन जैसे वैकल्पिक बाजारों की ओर ध्यान बढ़ाया, ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपने उत्पाद निर्यात कर सकें।

निर्यात वृद्धि के प्रमुख उत्पाद

निर्यात वृद्धि मुख्य रूप से कृषि, मछली, इलेक्ट्रॉनिक्स और बेस मेटल्स के उत्पादों से हुई।
मुख्य उत्पाद शामिल हैं:

  • कृषि और मछली: सूखी मिर्च, ब्लैक टाइगर झींगा, ग्रीन ग्राम, वैनामी झींगा, ऑइल-केक अवशेष
  • इलेक्ट्रॉनिक्स: पॉप्युलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स ($23.9 मिलियन से $922.4 मिलियन), फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल, टेलीफोनी उपकरण
  • बेस मेटल्स: एल्यूमिनियम और परिष्कृत तांबे के बिलेट्स

निर्यात वृद्धि का व्यापक प्रभाव

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह वृद्धि केवल कुछ उत्पादों तक सीमित नहीं है।
यह कृषि, मछली, इलेक्ट्रॉनिक्स और धातु उद्योगों में संरचनात्मक विस्तार को दर्शाती है, जो भारत-चीन व्यापार में दीर्घकालिक अवसर उत्पन्न कर रही है।

निर्यात आंकड़े का तुलनात्मक विश्लेषण

पिछले तीन वर्षों में भारत से चीन का निर्यात:

  • 2022-23 (अप्रैल-नवंबर): $9.89 बिलियन
  • 2023-24 (अप्रैल-नवंबर): $10.28 बिलियन
  • 2024-25 (अप्रैल-नवंबर): $9.2 बिलियन

इस तुलना से स्पष्ट है कि 2025-26 में $12.22 बिलियन तक की वृद्धि पिछले चार वर्षों में उच्चतम स्तर है और पिछले वर्ष के नुकसान की भरपाई करती है।