रायपुर 28 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / : भारत को यूरोपीय बाजार में बढ़त
संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रियर ने कहा कि भारत हाल ही में हुए ईयू-FTA से सबसे अधिक लाभान्वित होगा। समझौते से भारत को यूरोपीय बाजार में अधिक पहुंच, श्रम संबंधी लाभ और भारतीय कामगारों के लिए संभावित गतिशीलता के अवसर मिलेंगे।
वैश्विक व्यापार परिवर्तनों का संदर्भ
ग्रियर ने फॉक्स न्यूज़ को इंटरव्यू में बताया कि यह समझौता वैश्विक व्यापार की बदलती दिशा के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के घरेलू उत्पादन पर जोर देने के कारण यूरोपीय संघ अन्य देशों की ओर देख रहा है।
भारत का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ
ग्रियर ने भारत की कम लागत श्रम शक्ति और बढ़ती विनिर्माण क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि FTA से भारत को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और यूरोप में भारतीय कामगारों के लिए कुछ अतिरिक्त गतिशीलता अधिकार भी मिल सकते हैं।
भारत-ईयू FTA की रणनीतिक अहमियत
भारत और ईयू के बीच समझौता “मदर ऑफ ऑल डील्स” के रूप में जाना जा रहा है। यह आधुनिक, नियम-आधारित व्यापार सहयोग है, जो दोनों देशों को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और गहन बाजार एकीकरण की सुविधा प्रदान करता है।
व्यापार और नवाचार के अवसर
FTA के अंतर्गत, 2 अरब लोगों वाले भारत और ईयू के बाजार का कुल मूल्य Rs 2091.6 लाख करोड़ (USD 24 ट्रिलियन) से अधिक है। समझौता व्यापार, निवेश और नवाचार के लिए अभूतपूर्व अवसर खोलता है।
