Share This Article रायपुर, 13 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास जताया है कि भारत आने वाले समय में दुनिया का प्रमुख कार विनिर्माण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रौद्योगिकी, विदेशी निवेश, गुणवत्ता और मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए भारत में कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। भारत में बढ़ेगा कारों का उत्पादन पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में घरेलू मांग बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय वाहन निर्माता देश में अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार करेंगे। पुणे में स्थापित लक्जरी कार कंपनियों के संयंत्र इसका उदाहरण हैं। भारत में वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की पर्याप्त क्षमता है। मुक्त व्यापार समझौतों से खुलेंगे नए बाजार मंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से भारतीय कारोबारियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलेगी। इससे कपड़ा, जूते, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। वहीं, भारत को उन्नत तकनीक और बेहतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पहुंच मिलेगी। ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य गोयल ने भारत की निर्यात क्षमता पर भरोसा जताते हुए बड़े आर्थिक लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों से जुड़ाव और घरेलू विनिर्माण में निवेश देश की आर्थिक प्रगति को गति देंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा भारत की 1.4 अरब आबादी की बढ़ती मांग घरेलू उद्योगों और विदेशी निवेशकों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की मांग बढ़ने से सेमीकंडक्टर सहित अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। युवा आबादी भारत की ताकत केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश का बड़ा लाभ है। जर्मनी और जापान जैसे देशों में भारतीय श्रमिकों एवं पेशेवरों की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपयोगिता को दर्शाती है। पर्यटन और भारतीय खान-पान में संभावनाएं गोयल ने पर्यटन को रोजगार और कारोबार बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने फिल्टर कॉफी, इडली, डोसा और रसम जैसे भारतीय व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने पर भी जोर दिया। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता जरूरी मंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत बनाने के लिए विश्वस्तरीय गुणवत्ता मानकों को अपनाना जरूरी है। उद्योग जगत और संबंधित संस्थानों को गुणवत्ता सुधार के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक तकनीक, निवेश, गुणवत्ता और युवा शक्ति के बेहतर इस्तेमाल से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। Share This Article Post navigation RBI के फैसलों का असर : डॉलर के मुकाबले 1 रुपये से ज्यादा मजबूत हुआ रुपया… UPI MDR Charge Update : UPI यूजर्स और दुकानदारों के लिए बड़ा अपडेट, ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर MDR चार्ज टला, दिवाली के बाद होगा फैसला