Share This Article रायपुर, 26 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का कहना है कि भारत में दुनिया का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनने की क्षमता है। कम निर्माण लागत, बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता, हरित ऊर्जा और विशाल समुद्री क्षेत्र देश को इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ा सकते हैं। कृत्रिम मेधा (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत के लिए यह बड़ा आर्थिक अवसर बन सकता है। दुनिया में सबसे कम निर्माण लागत का फायदा अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भारत की संभावनाओं को रेखांकित किया। उनके अनुसार, यहां डेटा सेंटर बनाने की लागत कम होने से वैश्विक कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा सकता है। AI के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़ेगी मांग AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से डेटा सेंटरों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत अपनी तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करके इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है। हरित बिजली से मिलेगा बढ़ावा डेटा सेंटरों के संचालन में बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। भारत में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ने और हरित ऊर्जा के विस्तार से इस उद्योग को मजबूती मिल सकती है। समुद्र के नीचे डेटा सेंटर की संभावना भारत का विशाल समुद्री क्षेत्र भविष्य में समुद्र के नीचे डेटा सेंटर विकसित करने के नए अवसर भी प्रदान कर सकता है। इससे भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा। Share This Article Post navigation रक्षा बलों के लिए ₹2.12 लाख करोड़ की खरीद को मंजूरी… भारतीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा