digital-print combat coat digital-print combat coat
Share This Article

रायपुर / ETrendingIndia / नए डिजाइन पर भारतीय सेना को मिला IPR

भारतीय सेना को अपने नए डिजिटल-प्रिंट कॉम्बैट कोट पर विशेष IPR अधिकार प्राप्त हुए हैं। यह उपलब्धि सेना के आधुनिकीकरण को मजबूत करती है। भारतीय सेना नया कॉम्बैट कोट सैनिकों की आरामदायक और प्रभावी फील्ड प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, यह डिजाइन सेना की स्वदेशी क्षमता भी बढ़ाता है।

NIFT द्वारा विकसित उन्नत तकनीकी डिजाइन

इस कॉम्बैट कोट को NIFT दिल्ली ने डिजाइन किया है। यह तीन-लेयर वाली संरचना पर आधारित है। इसलिए यह विभिन्न मौसम और इलाकों में बेहतर सुरक्षा देता है। डिजाइन सैनिकों की गतिशीलता बढ़ाता है, जबकि इसकी टिकाऊ बनावट संचालन में अधिक सुविधा प्रदान करती है।

डिज़ाइन आवेदन 449667-001 को आधिकारिक मान्यता

सेना के अनुसार, यह डिजाइन कोलकाता के पेटेंट कार्यालय में पंजीकृत किया गया। यह पंजीकरण 27 फरवरी 2025 को किया गया था। बाद में इसे 7 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक जर्नल में प्रकाशित भी किया गया। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय सेना को इस डिजाइन और डिजिटल कैमोफ्लाज पैटर्न पर पूर्ण अधिकार मिले।

बिना अनुमति उत्पादन पर सख्त कानूनी कार्रवाई

IPR मिलने के बाद अनधिकृत उत्पादन या कॉपी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई डिज़ाइंस एक्ट 2000 और पेटेंट एक्ट 1970 के तहत होगी। इस कारण यह प्रणाली सेना के उपकरणों की सुरक्षा और गुणवत्ता को सुनिश्चित करती है।

तीन-लेयर प्रणाली से बढ़ी सुरक्षा और आराम

नया कॉम्बैट कोट तीन लेयर्स में तैयार किया गया है।

  • बाहरी परत: टिकाऊ डिजिटल कैमोफ्लाज प्रिंट।
  • मध्य परत: हल्की और गर्माहट देने वाली जैकेट।
  • आधार परत: ताप नियंत्रण और नमी प्रबंधन।

इस प्रकार, भारतीय सेना नया कॉम्बैट कोट सैनिकों को अधिक सुरक्षा, बेहतर गतिशीलता और उच्च आराम देता है।

आत्मनिर्भर भारत और सेना का ‘Decade of Transformation’

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को समर्थन देती है। साथ ही यह सेना के ‘Decade of Transformation (2023–2032)’ कार्यक्रम का भी हिस्सा है। अंत में, यह कदम भारतीय सेना में नवाचार और स्वदेशी विकास को नई दिशा देता है।


Share This Article