रायपुर / ETrendingIndia /🛢️ बड़ा ऊर्जा करार
अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के साथ 15 साल का एलएनजी (Liquefied Natural Gas) आपूर्ति समझौता किया है। इसके तहत ADNOC हर साल 10 लाख टन एलएनजी भारत के विभिन्न बंदरगाहों पर आपूर्ति करेगी। यह कदम भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा।
📈 2029 तक सबसे बड़ी ग्राहक बनेगी IOC
समझौते के अनुसार, 2029 तक इंडियन ऑयल ADNOC की सबसे बड़ी LNG ग्राहक बन जाएगी। उस समय IOC का कुल ऑफ-टेक 22 लाख टन प्रति वर्ष होगा, जिसमें 12 लाख टन दास आइलैंड ऑपरेशन्स और 10 लाख टन रुवैस परियोजना से आएगा। ADNOC अधिकारियों के अनुसार, यह साझेदारी दोनों देशों की मजबूत ऊर्जा कनेक्टिविटी का प्रतीक है।
🌍 रुवैस LNG परियोजना की खासियत
रुवैस एलएनजी प्रोजेक्ट, जो अल रुवैस इंडस्ट्रियल सिटी में विकसित हो रहा है, 2028 में वाणिज्यिक संचालन शुरू करेगा। यह पश्चिम एशिया का पहला LNG प्लांट होगा जो पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा से संचालित होगा। परियोजना को दुनिया के सबसे कम कार्बन उत्सर्जन वाले एलएनजी संयंत्रों में गिना जाएगा। इसमें AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा ताकि सुरक्षा, दक्षता और स्थिरता बढ़ाई जा सके।
🤝 भारत-UAE आर्थिक साझेदारी
यह समझौता भारत और UAE के बीच 2022 में हुए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) की सफलता को भी दर्शाता है। इसके अलावा, ADNOC पहले ही HPCL और GAIL के साथ भी LNG आपूर्ति समझौते कर चुका है। रुवैस परियोजना की 96 लाख टन वार्षिक क्षमता में से 80 लाख टन पहले ही अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक करारों में सुरक्षित हो चुका है।
🔎 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, इंडियन ऑयल ADNOC LNG समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और UAE के साथ मजबूत आर्थिक रिश्तों की दिशा में बड़ा कदम है। यह न केवल भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाएगा।
