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रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती का सिलसिला जारी है। बुधवार, 21 अक्टूबर को रुपया 46 पैसे मजबूत होकर 94.45 प्रति डॉलर के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप और जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़े विदेशी निवेश के संभावित डॉलर प्रवाह से रुपये को सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अब भी रुपये के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

RBI के कदमों से रुपये को मिला सहारा

डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के लिए RBI के हस्तक्षेप से घरेलू मुद्रा को मजबूती मिली। लगातार नौ कारोबारी सत्रों से रुपये में तेजी दर्ज की गई है।

जियो IPO से विदेशी निवेश की उम्मीद

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़े विदेशी निवेश के संभावित प्रवाह ने भी रुपये को समर्थन दिया। हालांकि, डॉलर में मजबूती और महंगे कच्चे तेल ने रुपये की बढ़त को सीमित किया।

कच्चा तेल 110 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 110.33 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

अब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर नजर

निवेशकों की नजर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठकों पर है। इन बैंकों के फैसलों का असर डॉलर, रुपये और अन्य वैश्विक मुद्राओं पर पड़ सकता है।


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