Share This Article रायपुर, 04 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / ब्रिटेन में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए भारतीय छात्रों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। हालांकि, नए आंकड़ों के अनुसार चीन के बाद भारतीय छात्र दूसरे स्थान पर हैं। जून 2026 को समाप्त एक साल की अवधि में भारतीय विद्यार्थियों को 82,523 स्टडी वीजा जारी किए गए। वहीं, चीन के छात्रों को 86,368 वीजा मिले। अंतरराष्ट्रीय छात्रों की घटती संख्या के बीच भारतीय विद्यार्थियों का योगदान ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। भारतीय छात्रों की संख्या में 16% गिरावट ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में भारतीय छात्रों को जारी वीजा की संख्या में 16 प्रतिशत की कमी आई है। इसके बावजूद भारत ब्रिटेन के लिए दूसरा सबसे बड़ा छात्र स्रोत देश है। यूरोपीय देशों से मिल रही चुनौती जर्मनी और फ्रांस जैसे देश अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं। कम पढ़ाई खर्च और बेहतर अवसरों के कारण छात्र दूसरे विकल्प भी तलाश रहे हैं। इससे ब्रिटेन के शिक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। पोस्ट स्टडी वीजा पर बदले नियम ब्रिटेन में फिलहाल पात्र ग्रेजुएट छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद दो साल तक रहने और नौकरी तलाशने की अनुमति है। हालांकि, 1 जनवरी 2027 से नए आवेदकों के लिए यह अवधि घटाकर 18 महीने की जाएगी। पीएचडी धारकों को तीन साल की सुविधा जारी रहेगी। STEM कोर्स की बढ़ती मांग भारतीय विद्यार्थी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स जैसे विषयों में बड़ी संख्या में दाखिला लेते हैं। ये क्षेत्र ब्रिटेन की तकनीकी और आईटी इंडस्ट्री के लिए कुशल प्रतिभाएं तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। Share This Article Post navigation दिवाली से पहले बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स में 900 अंकों की बढ़त, निफ्टी में 1 प्रतिशत की तेजी