ETrendingIndia / IndiGo फ्लाइट रद्दीकरण जांच में DGCA के साथ सहयोग
IndiGo ने कहा है कि वह IndiGo फ्लाइट रद्दीकरण जांच को लेकर DGCA द्वारा गठित समिति के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है।
इसके अलावा, एयरलाइन ने समिति द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां साझा कर दी हैं।
यह कदम दिसंबर की शुरुआत में हुई बड़े पैमाने की उड़ान रद्दीकरण की घटना के बाद उठाया गया है।
इस कारण हजारों यात्री देशभर में फंसे थे।
पायलट रोस्टर और सुरक्षा नियम बने वजह
IndiGo के अनुसार, यह संकट पायलट रोस्टर की योजना में कमी के कारण आया।
साथ ही, कड़े सुरक्षा नियमों के लिए तैयारी भी पर्याप्त नहीं थी।
परिणामस्वरूप, 3 से 5 दिसंबर के बीच कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
हालांकि, एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है।
CCI और DGCA की सख्त कार्रवाई
इस IndiGo फ्लाइट रद्दीकरण जांच के बाद नियामकों की निगरानी बढ़ गई।
पहले, CCI ने यात्रियों की शिकायतों पर संज्ञान लिया।
इसके बाद, DGCA ने चार फ्लाइट इंस्पेक्टर को बर्खास्त कर दिया।
क्योंकि, वे उस अवधि में निगरानी में विफल रहे थे।
भविष्य की रणनीति और विस्तार योजना
IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा कि कंपनी इस अनुभव से सीख ले रही है।
इसलिए, ऑपरेशनल सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।
अंत में, एयरलाइन को उम्मीद है कि 2025 में 123 मिलियन से अधिक यात्री सफर करेंगे।
इसके बाद, जनवरी 2026 से एथेंस के लिए नॉन-स्टॉप उड़ान शुरू होगी।
